दादा साहेब फाल्के, एलिस गुई ब्लाक
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दादा साहेब का असली नाम धुंडिराज गोविंद फाल्के था। उनके पिता गोविंद सदाशिव फाल्के संस्कृत के विद्धान थे और मंदिर में पुजारी थे। उनकी मां द्वारकाबाई घरेलू महिला थीं। उनके तीन बेटे और चार बेटियां थीं। दादासाहब फाल्के का जन्म महाराष्ट्र के नासिक में एक मराठी परिवार में हुआ था। दादा साहेब ने अपनी शिक्षा कला भवन, बड़ौदा में पूरी की थी। वहां उन्होंने मूर्तिकला, इंजीनियरिंग, चित्रकला, पेंटिंग और फोटॉग्राफी की शिक्षा ली। 1910 में तब के बंबई के अमरीका-इंडिया पिक्चर पैलेस में ‘द लाइफ ऑफ क्राइस्ट’ दिखाई गई थी। अंग्रेजी भाषा में महिला फ्रेंच डायरेक्टर एलिस गुई ब्लाक द्वारा बनाई गई इस फिल्म को थियेटर में बैठकर फिल्म देख रहे धुंदीराज गोविंद फाल्के ने तालियां पीटते हुए निश्चय किया कि वो भी भारतीय धार्मिक और मिथकीय चरित्रों को रूपहले पर्दे पर जीवंत करेंगे।