फिल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने अपने खिलाफ आपत्तिजनक और छवि खराब करने वाला कंटेट बनाने को लेकर यूट्यूबर कैरी मिनाटी उर्फ अजय नागर के खिलाफ केस किया था। इस मामले में कोर्ट ने कैर मिनाटी को प्रोड्यूसर के खिलाफ कोई भी अपमानजनक कंटेंट बनाने से रोका है।
पुराने आपत्तिजनक वीडियो भी हटाने को कहा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, 'कोर्ट ने यूट्यूबर अजय नागर उर्फ कैरी मिनाटी को फिल्ममेकर करण जौहर के बारे में बदनाम करने वाला अश्लील और गाली-गलौज वाला कंटेंट बनाने से मना किया है। कोर्ट ने साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कैरी मिनीटी के मौजूदा वीडियो हटाने को भी कहा, जिनमें फिल्ममेकर को टारगेट किया गया था।
करण जौहर ने केस में क्या कहा?
सिविल जज पी जी भोसले ने सोमवार को जौहर द्वारा नागर के खिलाफ फाइल किए गए केस में यह अंतरिम आदेश दिया। यूट्यूबर के अलावा उनके मैनेजर दीपक चार, वन हैंड क्लैप मीडिया प्राइवेट लिमिटेड और गूगल और मेटा समेत कई दूसरी पार्टियों को केस में डिफेंडेंट बनाया गया है। DSK लीगल की तरफ से पेश करण जौहर ने यह दावा करते हुए केस फाइल किया कि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो उनका मजाक उड़ाने और उनकी कई दशकों की मेहनत से बनाई गई प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कैरी मिनाटी और उनके साथियों को ऐसे वीडियो बनाने और अपलोड करने से रोकने के लिए एक रोक भी मांगी।
यूट्यूबर के वकील ने कही ये बात
वहीं इस मामले में यूट्यूबर कैरी मिनाटी के वकील ने कहा कि उन्होंने पहले ही वीडियो और दूसरी चीजें डिलीट कर दी हैं और इसलिए अब कोई एक्शन नहीं बचा है। सिविल जज ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि डिफेंडेंट नंबर 1 और 2 (नागर और चार) ने प्लेनटिफ के खिलाफ बदनाम करने वाले बयान दिए हैं और गंदी भाषा का इस्तेमाल किया है। उन्होंने प्रोड्यूसर के खिलाफ वीडियो और कंटेंट पर टेम्पररी रोक लगा दी। साथ ही मेटा प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने के लिए भी कहा।