ममता बनर्जी ने की 'केसरी चैप्टर 2' की आलोचना
ममता ने खुदीराम बोस को देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म 'केसरी 2' में बंगाली क्रांतिकारियों का गलत चित्रण किया गया, जो असहनीय है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, 'हाल ही में एक हिंदी फिल्म में क्रांतिकारी खुदीराम को 'सिंह' कहा गया था। आजादी के लिए अपनी जान देने वालों का अपमान क्यों किया जा रहा है? मिदनापुर के हमारे अदम्य किशोर को पंजाब के सपूत के रूप में दिखाया गया है। यह असहनीय है।' वह आगे लिखती हैं, 'हमें खुदीराम बोस पर गर्व है।'
ममता बनर्जी ने कहा हमेशा खुदीराम बोस का सम्मान किया
खुदीराम बोस देश के सबसे कम उम्र के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। 1908 में 18 साल की उम्र में उन्हें मुजफ्फरपुर बम कांड के लिए फांसी दी गई थी। ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट में ही बताया कि राज्य सरकार ने खुदीराम बोस का हमेशा सम्मान किया है। उनके जन्मस्थान महाबनी में विकास कार्य किए। खुदीराम बोस की प्रतिमा की स्थापना की, पुस्तकालय का जीर्णोद्धार किया, सभागार और खुदीराम पार्क का पुनरुद्धार किया गया। कोलकाता में एक मेट्रो स्टेशन का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है।
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क्या है पूरा मामला
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी पिछले दिनों फिल्म ‘केसरी 2’ को लेकर आपत्ति जाहिर की थी। पार्टी सदस्यों का कहना था कि बंगाल के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों, खासकर खुदीराम बोस और बरिंद्र कुमार घोष को गलत ढंग से दिखाया गया है। टीएमसी के मुताबिक, फिल्म में खुदीराम बोस को खुदीराम सिंह और बरिंद्र कुमार घोष को अमृतसर के बीरेंद्र कुमार के रूप में पेश किया गया। जून महीने में बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन में फिल्म 'केसरी 2' के निर्माताओं के खिलाफ ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाने की शिकायत दर्ज की गई थी।
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