लड़की ससुराल में मर जाए, वही सम्मान माना जाता है
इस घटना पर रिएक्शन देते हुए चिन्मयी श्रीपादा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘ट्विशा की मौत इस बात का सबूत है कि कई भारतीय माता-पिता अपनी बेटी को एक सामान की तरह देखते हैं, जिसे शादी के बाद ससुराल भेज दिया जाता है और जिसकी कोई वापसी नहीं होती। लड़की ससुराल में मर जाए, बस वही सम्मान माना जाता है।’
ट्विशा ने जारी किया बयान
ट्विशा के परिवार ने तीन पन्नों का बयान जारी कर जांच पर चिंता जताई है। परिवार का कहना है कि वे भोपाल में यह कानूनी लड़ाई लगभग अकेले लड़ रहे हैं और उन्हें प्रशासन, राजनीति या महिला संगठनों से ज्यादा मदद नहीं मिल रही।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर में ऐसी चर्चाएं हो रही हैं कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसी बीच भोपाल सेशन कोर्ट ने समरथ सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
सबूतों के साथ छेड़छाड़ का लगाया आरोप
परिवार ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए जांच टीम से कई मांगें रखी हैं। इनमें घर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और एम्स भोपाल के इमरजेंसी एंट्री पॉइंट्स की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की मांग शामिल है।
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यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया है और लोग ट्विशा को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।