सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और निर्देशक पहलाज निहलानी अपनी फिल्म 'रंगीला राजा' में लगे 20 कट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 23 नवंबर तक के लिए टाल दी। बता दें पहलाज निहलानी ने सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म 'रंगीला राजा' के कई सीन में कट लगाने के फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की है।
जहां एक तरफ मामले की सुनवाई 23 नवंबर तक के लिए टाल दी गई वहीं दूसरी तरफ इस मामले में सेंसर बोर्ड ने अपने निर्णय को सही ठहराया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में सेंसर बोर्ड ने कहा कि फिल्म में उस सीन को ही काटा गया है जो महिलाओं के प्रति सम्मानजनक नहीं लग रहे थे।
मामले में सेंसर बोर्ड से भड़के पहलाज निहलानी ने अपनी याचिका के बारे में बात करते हुए बताया फिल्म में कट लगाना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा राजनेताओं समेत कई लोगों ने राम मंदिर और अयोध्या के बारे में बात की है लेकिन जब इसे फिल्म में देखने की बारी आती है तो सीन काट दिए जाते हैं।
वहीं दूसरी तरफ इस मामले में मौजूदा सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने पहलाज निहलानी को करारा जबाव दिया। NBT से हुई बातचीत में प्रसून जोशी ने बताया CBFC के काम-काज की अपनी एक गाइड लाइन है, जिसके तहत किसी भी फिल्म को सर्टिफिकेट दिया जाता है। पहलाज निहलानी वरिष्ठ और सीनियर हैं, इसलिए उनके बारे में कोई भी असम्मानजनक बात नहीं करेंगे।
'रंगीला राजा' पर लगे कट पर प्रसून ने कहा, 'फिल्म के उन सीन को कट किया गया है, जो महिलाओं के प्रति सम्मानजनक नहीं लग रहे थे।' 'सेंसर बोर्ड का काम सिनेमाई संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के सामजस्य को बनाए रखना है।
इस फिल्म में विजय माल्या के देश और विदेश में किए गए फ्रॉड और उनकी जीवनशैली को दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। फिल्म में विजय माल्या का किरदार निभा रहे हैं गोविंदा। निहलानी और गोविंदा ने 31 साल पहले फिल्म 'इल्जाम' में साथ काम किया था। इस फिल्म में गोविंदा के साथ तीन नई एक्ट्रेसेस डेब्यू कर रही हैं। अब यह फिल्म 'केदारनाथ' के साथ 7 दिसंबर को रिलीज होगी।