सोशल मीडिया पर इन दिनों हॉलीवुड फिल्म फोर्ड वी फरारी में शराब की बोतलों और ग्लास को धुंधला किए जाने की खबर जमकर वायरल हो रही है। माना जा रहा है कि सेंसर बोर्ड ने निर्माताओं को ऐसा करने के आदेश दिए हैं। हालांकि सेंसर बोर्ड ने ऐसा कोई भी कदम उठाए जाने से साफ इनकार कर दिया है। सेंसर बोर्ड के अनुसार चीजों को धुंधला करके स्क्रीन पर दिखाए जाने में उनका कोई योगदान नहीं है।
सेंसर बोर्ड मुंबई के स्थानीय अधिकारी तुषार कर्माकर के अनुसार, 'यह पूरी तरह आधारहीन है। सीबीएफसी द्वारा ऐसा कोई भी कट नहीं सुझाया गया था। क्रिश्चियन बॅल और मैट डैमन अभिनीत फिल्म के निर्देशक जेम्स मैनगोल्ड को तीन सुझाव दिए गए थे जिसके कारण फिल्म को यू ए सर्टिफिकेट भी दिया गया। इनमें कुछ अपशब्दों को म्यूट करना और धूम्रपान के सीन में धूम्रपान सेवन की चेतावनी दिखाए जाने के सुझाव शामिल थे।' तुषार ने आगे बताया, 'सेंसर बोर्ड को एतराज तब होता है जब शराब को बहुत ही अच्छी चीज की तरह दिखाया जाता है। सीन्स को धुंधला करने का फैसला स्टूडियो द्वारा स्वेच्छा से लिया गया है।'
गौरतलब है कि इस विवाद ने अभिनेता फरहान अख्तर के एक ट्वीट के बाद तूल पकड़ लिया था जिसमें उन्होंने फिल्म का एक दृश्य साझा करते हुए लिखा था, 'वह दिन दूर नहीं जब वे सिनेमाघरों में सिर्फ स्क्रिप्ट पढ़ते नजर आएंगे। भारतीय वयस्क को एक ऐसे अपराधी की तरह क्यों समझा जाता है जो अपने लिए खुद सोच नहीं सकता/सकती है।' बता दें, फरहान कुछ समय पहले ही रिलीज हुई फिल्म द स्काई इज पिंक में नजर आए थे। फिल्म में उनके अलावा प्रियंका चोपड़ा और जायरा वसीम भी थी। वहीं इन दिनों फरहान एक बॉक्सर पर आधारित फिल्म तूफान को लेकर व्यस्त चल रहे हैं।