हाल ही में सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर जनता के एक लाख वोट उन्हे मिल जाए कि 'इंटरकोर्स' शब्द से उन्हे कोई आपत्ति नहीं है तो शाहरुख की आने वाली फिल्म में इस शब्द को नहीं हटाएंगे।
अब इसी मुददे पर फिर से एक इंटरव्यू में बात करते हुए सेंसर अध्यक्ष ने वोट को लेकर एक शर्त और रख दी है। पहलाज निहलानी ने कहा है कि ये वोट ट्विटर के जरिए नहीं चाहिए क्योंकि ट्विटर पर इस मुद्दे को लेकर एक लाख वोट पाना कोई आसान बात नहीं है। उन्होने जिस चैनल को दिए इंटरव्यू में ये बाच कही थी वोट भी उसी चैनल को दिए जाए।
इतना ही नहीं पहलाज निहलानी ने ये भी कहा है कि वोट सिर्फ शादीशुदा लोगो के ही माने जाएंगे। आगे अपनी शर्त का दायरा बढाते हुए सेंसर अध्यक्ष ने कहा है कि 36 साल से कम उम्र के लोगो के वोट को नहीं गिना जाएगा। पहलाज निहालनी का मानना है कि भारत में अमूमन 23 साल की उम्र में शादी करते है तो करीब 36 साल की उम्र में उनके बच्चे 12 साल के होंगे।