विक्रांत जेटली केस में ताजा जानकारी
मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय के वकील से कहा कि वे MEA से संपर्क करें ताकि विक्रांत जेटली कोर्ट से बात कर सकें। कोर्ट ने MEA से सवाल भी किया कि उन्होंने पहले UAE की एक कानूनी फर्म को विक्रांत का केस लड़ने के लिए अधिकृत किया था, लेकिन बाद में उनकी पत्नी चारुल के कारण इसे वापस क्यों ले लिया? कोर्ट ने यह भी कहा कि कानूनी मदद को पारिवारिक विवादों पर निर्भर नहीं किया जा सकता। अब हाई कोर्ट ने MEA को निर्देश दिया है कि UAE की एक फर्म को विक्रांत का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें ठीक से कानूनी सहायता मिल सके। कोर्ट ने उनकी सुरक्षा और संपर्क की भी बात की।
क्या हुआ है पूरा मामला?
सितंबर 2024 में दुबई (UAE) में विक्रांत जेटली को अचानक हिरासत में ले लिया गया। UAE की तरफ से इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया गया, लेकिन अब तक परिवार को उनके खिलाफ कोई स्पष्ट आरोप या केस की जानकारी नहीं दी गई है। वे पिछले 17-18 महीनों से हिरासत में हैं (अबू धाबी के अल वथ्बा डिटेंशन सेंटर में)। परिवार का कहना है कि यह हिरासत मनमानी और गैरकानूनी है और उनसे लंबे समय तक कोई संपर्क नहीं हो पाया।
अगली सुनवाई कब?
सेलिना के भाई विक्रांत जेटली केस के मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को तय की गई है। सेलिना जेटली ने इसे एक बड़ी उम्मीद की किरण बताया है और कहा है कि वे अपने भाई (जो देश के लिए सैनिक रहे) को वापस लाने की पूरी कोशिश जारी रखेंगी। सेलिना ने अपने भाई की रिहाई के लिए काफी संघर्ष किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मदद मांगी है। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें विदेश मंत्रालय (MEA) से कानूनी मदद मांगी गई।
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