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बॉम्बे हाईकोर्ट ने यूट्यूबर को नारियल तेल का रिव्यू वीडियो हटाने का दिया आदेश, कही ये बात

Thu, 16 Jan 2020 12:18 PM IST
प्रतीक्षा राणावत मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
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अभिजीत भंसाली - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
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देश में अक्सर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर वाद-विवाद चलता रहता है। बॉम्बे उच्च न्यायाल के एक फैसले ने इस विषय को फिर से एक बार हवा दे दी है। दरअसल बुधवार को उच्च न्यायाल ने यूट्यूबर अभिजीत भंसाली को एक कंपनी के नारियल तेल से जुड़े रिव्यू वीडियो को हटाने का आदेश दिया है।

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अभिजीत भंसाली ने अपने यूट्यूब चैनल 'बियर्ड छोकरा'  पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने मैरिको इंडस्ट्रीज के पैराशूट नारियल तेल का 'गुणवत्ता परीक्षण' किया था। अपने रिव्यू में उन्होंने यह कहा था कि यह तेल शुद्ध नहीं है साथ ही लोगों को इसे नहीं खरीदने की सलाह दी थी। जिसे लेकर कंपनी कोर्ट में पहुंच गई। दोनों पक्षों की बात सुनकर कोर्ट ने फैसला कंपनी के पक्ष में सुनाया और कहा, 'अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संरक्षित करना आवश्यक है लेकिन लोकतंत्र में सामाजिक व्यवस्था के रखरखाव के लिए उस पर कुछ प्रतिबंध लगाना भी उतना ही आवश्यक है।'

उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर पसंद किए जाने वाले ऐसे प्रभावित लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह अपने स्वंतत्र बोलने के अधिकार का सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करें और इस बात का खास ध्यान रखें कि उनका संदेश किसी भी तरह से किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाए। अदालत ने यूट्यूबर को भविष्य में इस तरह के किसी भी वीडियो को अपलोड करने से रोकने की अपील को स्वीकार करने से मना कर दिया। कोर्ट के अनुसार भविष्य में अगर ऐसी किसी वीडियो से समस्या होती है तो उस वीडियो के आधार पर उससे निपटा जाएगा। बता दें, यह टिप्पणियां न्यायमूर्ति शाहरुख कथावाला की पीठ ने की है।

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