हाई कोर्ट की जज भारती डांगरे और उनके साथ कई जजों ने अविनाश दास की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने फिल्म निर्माता को राहत के लिए ऊपरी आदालत में अपील करने के निर्देश दिए हैं। डांगरे ने अविनाश के वकील से कहा कि अहमदाबाद, जहां उसकी के खिलाफ प्राथमिक केस दर्ज किया था, वह मुंबई से ज्यादा दूर नहीं है। न्यायाधीश ने वकील से कहा कि दास की गिरफ्तारी या मामले से जुड़ी किसी भी राहत के लिए उन्हें अहमदाबाद की अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस महीने की शुरुआत में झारखंड के खनन सचिव सिंघल को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था। सिंघल से कथित रूप से जुड़े एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के घर से पुलिस ने 18 करोड़ रुपये से अधिक नकद भी जब्त किया था। अहमदाबाद पुलिस डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते कहा था कि अविनाश दास ने 8 मई को अपने ट्विटर हैंडल पर तस्वीर साझा की थी। तस्वीर में अमित शाह और पूजा सिंघल पांच साल पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए दिख रहे हैं। गौरतलब है कि दास ने इसे लोगों को गुमराह करने और मंत्री की प्रतिष्ठा को बदनाम करने के लिए ट्वीट किया था।