अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं
हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद डिंपल कपाड़िया, अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की ओर से पेश पक्ष को भी सुना और आखिर में अनीता आडवाणी की अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा, 'फर्स्ट अपील डिसमिस्ड' यानि अपील खारिज की जाती है। हालांकि, इस मामले में विस्तृत फैसला अभी आना बाकी है।
अनीता आडवाणी ने राजेश खन्ना के परिवार पर लगाए थे आरोप
गौरतलब है कि साल 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना के परिवार के बीच कई कानूनी मामले चले। अनीता आडवाणी का दावा था कि वह राजेश खन्ना के साथ रिश्ते में थीं और उनका रिश्ता शादी जैसा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि राजेश खन्ना के निधन के बाद उन्हें उनके बंगले ‘आशीर्वाद’ से बाहर निकाल दिया गया। इससे पहले साल 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी की ओर से डिंपल कपाड़िया, ट्विंकल खन्ना और अक्षय कुमार के खिलाफ दायर घरेलू हिंसा का मामला भी खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना का रिश्ता 'शादी जैसा रिश्ता' यानी in the nature of marriage की कानूनी परिभाषा में नहीं आता।
कोर्ट से अनीता आडवाणी को झटका
फिलहाल, बॉम्बे हाईकोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद अनीता आडवाणी को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हालांकि, विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है, लेकिन अभी के लिए कोर्ट ने साफ कर दिया है कि राजेश खन्ना के साथ उनके रिश्ते को शादी का कानूनी दर्जा नहीं दिया जाएगा। अब सबकी नजर कोर्ट के विस्तृत आदेश पर रहेगी।