राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट करने के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मराठी एक्ट्रेस केतकी चितले और छात्र निखिल भमरे के खिलाफ दर्ज किए गए सभी एफआईआर को एक साथ जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय के इस निर्देश के बाद अब सभी एफआईआर को सबसे पहले दर्ज किए गए केस से जोड़ा जाएगा। बता दें कि केतकी के खिलाफ 22 और भामरे के खिलाफ अब तक 6 प्राथिमिकी दर्ज हैं।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद चितले के खिलाफ सभी प्राथमिकी अब ठाणे जिले के कलवा पुलिस थाने में दर्ज पहली प्राथमिकी के साथ अटैच कर दी गई हैं। वहीं, भामरे के खिलाफ सभी प्राथमिकी को ठाणे के नौपाड़ा में दर्ज केस के साथ जोड़ दिया गया है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस एन एम जामदार और जस्टिस एन आर बोरकर ने सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का हवाला देते हुए यह आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार जब एक मामले में कई एफआईआर दर्ज हो तो पहले को मुख्य माना जा सकता है। साथ ही बाकी को संबंधित मामले में गवाह माना जा सकता है। बता दें कि चितले और भामरे को इस साल मई में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि जून में उन्हें जमानत मिल गई थी।चितले को फेसबुक पर एक मराठी कविता साझा करने के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसमें कथित तौर पर राकांपा प्रमुख शरद पवार को अपमानजनक तरीके से संदर्भित किया गया था। वहीं, भामरे को पवार के खिलाफ एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट के लिए गिरफ्तार किया गया था।