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65 साल से अधिक उम्र के कलाकार कर सकेंगे शूटिंग, बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकार का आदेश किया खारिज

Fri, 07 Aug 2020 11:48 AM IST
shrilata biswas एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला
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शूटिंग - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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कोरोना काल के बाद मुंबई में टीवी सीरियल्स के बाद फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग भी शुरू होने की राह पर हैं। करीब तीन महीने तक शूटिंग बंद होने के बाद कई स्टूडियों में काम शुरू हो गया है। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना के मद्देनजर 65 साल से अधिक उम्र के कलाकारों की शूटिंग पर रोक लगाई थी। सरकार के इस आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने 65 साल से अधिक उम्र के टीवी, फिल्म कलाकारों को स्टूडियो जाने या बाहर शूट करने से रोकने संबंधी महाराष्ट्र सरकार का आदेश खारिज किया है। हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि जब किसी वरिष्ठ नागरिक को दुकान खोलने की इजाजत है तो शूटिंग करने से किस आधार पर रोका जा रहा है।

इस मामले में वादी प्रमोद पांडे के अलावा फिल्म निर्माताओं की संस्था इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने भी वाद दायर किया था। लंबी सुनवाई के बाद शुक्रवार को इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि उम्र के आधार पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई जा सकती और इस बारे में सभी कारोबार करने वालों पर एक जैसे ही दिशा निर्देश लागू होंगे, किसी वर्ग पर अलग से कोई बंदिश नहीं लगाई जा सकती।
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इसी के साथ ही छोटे पर्दे के मशहूर धारावाहिक 'कौन बनेगा करोड़पति' के अगले सीजन की शूटिंग में अमिताभ बच्चन के शामिल होने पर से भी संशय खत्म हो गया है।

महाराष्ट्र सरकार ने बुजुर्ग कलाकारों के स्टूडियो या बाहर के स्थलों पर कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान काम पर रोक लगाई गई थी। न्यायमूर्ति एस जे काथावाला और न्यामूर्ति आरआई चगला ने 30 मई और 23 जून को राज्य सरकार की ओर से जारी प्रस्तावों को रद्द कर दिया। पीठ का यह फैसला दो याचिकाओं के संबंध में आया है। पहली याचिका फिल्म एवं टीवी कलाकार प्रमोद पांडे ने दायर की थी। वह 70 साल के हैं। दूसरी याचिका अशोक सरावगी के जरिए भारतीय मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर एसोसिएशन ने दायर की थी।

दोनों ही याचिकाओं में राज्य सरकार के ‘मिशन बिगिन अगेन’ के तहत जारी प्रस्ताव को चुनौती दी गई थी। महाराष्ट्र सरकार ने इससे पहले अदालत को बताया था कि सरकार ने ‘भलाई’ के तहत ये प्रस्ताव जारी किए थे और यह कलाकारों के अपने फायदे के लिए था क्योंकि बाहर निकलने पर उन्हें संक्रमण का खतरा हो सकता है। हालांकि अदालत ने इस पर राज्य सरकार से सवाल किया कि इस प्रस्ताव में फिर टीवी और फिल्म कलाकारों को ही शामिल क्यों किया गया, जबकि अन्य क्षेत्रों में 65 साल से ज्यादा के कर्मियों को काम पर जाने, दुकान खोलने समेत अन्य काम करने की मंजूरी दी गई है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार का फैसला ‘भेदभाव’ जैसा प्रतीत होता है।
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