गौरतलब है कि संजय दत्त 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के मामले में जेल में बंद थे। यह मामला उसी दौरान उन्हें दी गई पैरोल से जुड़ा है। एक जनहित याचिका में दत्त को बार-बार पैरोल दिए जाने तथा मामले में पांच साल की सजा पाए दत्त को सजा पूरी होने से पहले वर्ष 2016 में रिहा करने पर सवाल उठाया गया था। आपको बता दें कि 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के मामले की सुनवाई विशेष टाडा अदालत में शुरू हुई थी।
पहली बार संजय दत्त को 19 अप्रैल, 1993 को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन 18 दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई। 5 मई को उन्हें जमानत मिली थी। जुलाई, 1994 में उनकी बेल कैंसिल हुई और उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया। अक्टूबर, 1995 को उन्हें बेल पर रिहा किया गया। 1997 में उन्हें एक बार फिर जमानत मिली। इसके बाद कई बार संजय दत्त जेल गए और बाहर आए। आखिरकार संजय दत्त 25 फरवरी 2016 रिहा हुए। हालांकि, अच्छे व्यवहार का हवाले देते हुए उन्हें सजा खत्म होने के 8 महीने पहले ही रिहा कर दिया गया था।