Chunky Panday talk about his struggles: चंकी पांडे बॉलीवुड के जाने-पहचाने अभिनेता रहे हैं। हाल में ही उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों को लेकर बात की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक समय पर वह बंग्लादेश में जाकर प्रॉपर्टी डीलिंग और इवेंट मैनेजमेंट जैसे काम भी किए।
चंकी पांडे बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रहे हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में एक लंबा सफर तय किया है। अस्सी और नब्बे के दशक की शुरुआत में एक सफल करियर के बाद बतौर मुख्य किरदार उनके लिए अवसर कम होते चले गए। इसके बाद उन्होंने चरित्र भूमिकाएं निभानी शुरू कर दी। हाल में ही वी आर युवा के लिए बातचीत के दौरान अभिनेता ने अपनी बेटी अनन्या पांडे के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में काम करने और वहां जीविका कमाने के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।
विज्ञापन
चंकी ने संघर्षों पर की बात
इस बातचीत के दौरान चंकी ने बांग्लादेश में काम करने और जीविका कमाने के लिए संघर्ष करने को याद किया। इसे लेकर अनन्या ने उनसे पूछा कि 90 के दशक की शुरुआत के बाद चंकी का करियर ढलान पर आ गया, तो क्या उन्हें कभी ऐसा लगा कि यह अंत है। चंकी ने जवाब देते हुए कहा,"हां हां। अंत का मतलब है कि यह म्यूजिकल चेयर्स की तरह था और जब संगीत बंद हो गया, तो आपके पास बैठने के लिए कुर्सी नहीं थी। मेरा मतलब है, मेरे पास ब्लॉकबस्टर फिल्में थीं। आंखें के बाद मुझे सिर्फ तीसरा कौन फिल्म मिली और उसके बाद यह पूरी तरह से बंद हो गई।"
Jaat Teaser: 'जाट' बन धमाल मचाने को तैयार सनी देओल, टीजर की सेंसर प्रक्रिया पूरी, रिलीज पर आया बड़ा अपडेट
विज्ञापन
बंग्लादेश में जाकर प्रॉपर्टी डीलर और इवेंट मैनेजमेंट में किया काम
अभिनेता ने आगे कहा,“इसलिए मैं बांग्लादेश चला गया, वहां फिल्में कीं। सौभाग्य से वे कामयाब रहीं और मैंने 4-5 साल तक उसे अपना घर बना लिया, लेकिन यह डरावना था।असल में मैंने काम करना बंद नहीं किया। मैंने एक इवेंट कंपनी खोली। फिर मैंने इवेंट करना शुरू किया। मैंने जमीन का सौदा करना, प्रॉपर्टी खरीदना शुरू किया। मैंने बस अपने अहंकार को किनारे रखा और खुद से कहा कि मुझे जीवित रहने की जरूरत है और इसलिए मैंने ये सब किया लेकिन मैंने उस प्रक्रिया में बहुत कुछ सीखा।"