आलोचना के बाद पेश की सफाई
संजय दत्त की कही इस बात ने सोशल मीडिया पर विवाद पैदा कर दिये। इसके बाद संजय ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने बताया कि ये टिप्पणियां पहले से लिखी हुई थीं और हास्यपूर्ण संदर्भ में कही गई थीं, साथ ही उन्होंने कहा कि उनका किसी को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। अभिनेता ने अपने बयान का कनेक्शन अपनी चर्चित फिल्म 'मुन्नाभाई' से जोड़ा। संजय दत्त ने लिखा, 'इसके पीछे की भावना मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में दिखाई गई हास्य और व्यंग्य की शैली के समान थी, विशेष रूप से ‘गांधीगिरी’ की उस सोच से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य प्रेम, एकजुटता और सद्भावना का संदेश देना था। दुर्भाग्यवश, मेरी बातों को उस मूल संदर्भ से अलग तरीके से समझा गया'।