अभिनेत्री शर्मिला टैगोर विवादों में आ गई हैं। वंदे मातरम पर बयान देने वाले मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उन्हें घेरा है। सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय और पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री इंद्रनील खान ने उन पर बयानबाजी की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत को केवल धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
क्या बोली थीं शर्मिला टैगोर?
- शर्मिला टैगोर ने कहा कि उनका मेरा मानना है कि कई धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, न कि कई देवताओं में।
- 'वंदे मातरम' में एक पद है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र किया गया है।
- जो लोग एक ही धर्म को मानते हैं उनके लिए 'वन्दे काली, वन्दे दुर्गा' कहना मुश्किल है।
- इसलिए, अगर हम भारत के सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलें, तो शुरुआती दो पद बहुत अच्छे हैं।
इंद्रनील खान, शर्मिला टैगोर, अभिजीत गंगोपाध्याय
- फोटो : एएनआई
अभिजीत गंगोपाध्याय ने टैगोर को घेरा
भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय ने शर्मिला टैगोर की टिप्पणियों को राष्ट्र-विरोधी बताया और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा 'शर्मिला टैगोर सुझाव दे सकती हैं, कोई भी सुझाव दे सकता है। अगर कोई यह फैसला करता है कि वह दूसरे पैराग्राफ के आगे नहीं गाएगा, तो यह राष्ट्र-विरोधी है। आइए चर्चा करते हैं। मैं पिछले सत्र में कई दिनों तक लोकसभा में था। कांग्रेस कभी किसी चर्चा में शामिल नहीं होना चाहती थी, चाहे वह सीजेपी हो, वंदे मातरम हो या कोई और बात हो। तो वे यह सब क्यों कह रहे हैं? वह चर्चा में आएं। उन्हें पता चल जाएगा।'
Kangana Ranaut: शर्मिला टैगोर के वंदे मातरम वाले बयान पर क्या बोलीं कंगना? गले लगने वाली बात का किया जिक्र
इंद्रनील खान ने जताई आपत्ति
बंगाल के मंत्री इंद्रनील खान ने भी शर्मिला टैगोर की बातों की आलोचना की और सवाल उठाया कि देशभक्ति अनुभवी अभिनेत्री से सीखनी चाहिए या कांग्रेस से। उन्होंने कहा 'क्या हमें शर्मिला टैगोर या कांग्रेस से देशभक्ति सीखनी है? देश के असली योद्धाओं ने देश को आजाद कराया। उन्होंने 'आनंदमठ' से प्रेरणा ली और दिल में वंदे मातरम का जज्बा लिए देश को आजादी दिलाई। उन्होंने ही हमें अंग्रेजों से आजादी दिलाई। हमें उनसे सीखना चाहिए, न कि उनसे जिन्हें आजादी का मतलब ही नहीं पता। हमें आजादी, स्वतंत्रता या देशभक्ति का पाठ उनसे नहीं सीखना है जो राष्ट्रीय गीत का अपमान करते हैं।'
कंगना रनौत
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क्या बोलीं कंगना रनौत?
इससे पहले, अभिनेत्री-नेता कंगना रनौत ने वंदे मातरम पर शर्मिला टैगोर की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा 'मैं इस बात की तारीफ करती हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है। मगर एक कलाकार के तौर पर मुझे हैरानी है कि कला या कविता को लेकर उनकी सोच इतनी सीमित और बनावटी कैसे हो सकती है। किसी भी कविता या गाने में शब्द रूपक होते हैं।
कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना और अद्भुत समानताएं इस्तेमाल करते हैं।'
कैसे शुरू हुआ विवाद?
वंदे मातरम विवाद कांग्रेस मुख्यालय के एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत गाए जाते समय खड़गे और सोनिया गांधी को बातचीत करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद भाजपा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर वंदे मातरम का अनादर करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक तौर से माफी मांगने का आरोप लगाया।