जाहिदा का परिवार
जाहिदा के पिता अख्तर हुसैन नरगिस के भाई थे। नरगिस की मां जद्दनबाई ने दिन तीन शादियां की थीं। जद्दनबाई ने पहली शादी नरोत्तम दास खत्री से की थी जिन्होंने इस्लाम धर्म कबूल कर अपना नाम बच्ची बाबू रखा था। इसके बाद जद्दनबाई की दूसरी शादी उस्ताद राशिद मीर खान से हुई। उनके बेटे अख्तर हुसैन थे। जाहिदा इनकी बेटी हैं। इसके बाद जद्दनबाई ने मोहन बाबू का हाथ थामा। शादी के बाद उन्होंने भी इस्लाम कबूल कर लिया था। नरगिस इन्हीं दोनों की बेटी हैं। रिश्ते में नरगिस और जाहिद भाई-बहन हैं और इसी रिश्ते से ही जाहिदा और संजय दत्त भी भाई-बहन हैं।
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ऐसे मिला फिल्मों में मौका
कम लोग जानते हैं कि जाहिदा को देव आनंद ने बॉलीवुड में पहला मौका दिया था। उन्होंने ज्यादा फिल्मों तो नहीं कीं, लेकिन कम फिल्मों के साथ ही उन्होंने सिनेमा में अपना खास पहचान बना ली थी। जाहिदा हुसैन की पहली मुख्य फिल्म साल 1968 में आई 'अनोखी रात' थी। इसके बाद जाहिदा ने साल 1970 में रिलीज हुई 'प्रेम पुजारी' की। वह देव आनंद के साथ भी नजर आईं। इसी बीच वह देव आनंद पर अपना दिल हार बैठी थीं। इसी वजह से उन्होंने फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' का ऑफर ठुकरा दिया था। इस फिल्म में उन्हें देव आनंद की बहन का रोल दिया गया। लेकिन वह फिल्म में उनकी प्रेमिका बनना चाहती थीं। ऐसा नहीं हो पाया तो उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया।
जल्द सिनेमा से कहा अलविदा
जाहिदा ने कुछ वर्षों बाद ही सिनेमा को अलविदा कह दिया था। उन्होंने बिजनेसमैन केसरी नंदन सहाय से शादी कर ली और फिल्मों से दूरी बना ली। जाहिदा के दो बेटे हुए जिनमें से एक बेटे निलेश सहाय हैं जो बड़े पर्दे पर दिख चुके हैं। निलेश ने साल 2011 में रिलीज हुई गणेश आचार्य की फिल्म 'एंजेल' से डेब्यू किया था।