बिंदिया गोस्वामी भारतीय सिनेमा की जानी मानी अभिनेत्री हैं। उन्होंने 1970 और 1980 के दशक में अपनी अभिनय से दर्शकों का खूब दिल जीता। उनका जन्म 6 जनवरी 1962 को राजस्थान के भरतपुर में हुआ था। अपने अभिनय और तरह-तरह की भूमिकाओं से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी एक खास पहचान बनाई। आज उनके जन्मदिन पर आइए हम उनके जीवन और करियर के कुछ अहम पहलुओं के बारे में जानते हैं...
हेमा मालिनी की मां ने दिलाया फिल्मों में मौका
बिंदिया गोस्वामी की फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री भी काफी दिलचस्प रही। जब वह किशोरी थीं, तब हेमा मालिनी की मां ने उन्हें एक पार्टी में देखा और उन्हें लगा कि बिंदिया का लुक उनकी बेटी हेमा मालिनी से काफी मिलता-जुलता है। इसके बाद उन्होंने ने बिंदिया को फिल्म निर्माताओं से मिलवाया और उनका फिल्मी करियर शुरू करने में मदद की।
करियर की सबसे बड़ी हिट रही गोलमाल
बिंदिया की पहली हिंदी फिल्म 'जीवन ज्योति' (1976) थी। इस फिल्म से वह दर्शकों पर कुछ खास जादू नहीं चला सकी थीं। फिल्म की असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निर्देशक बासु चटर्जी की फिल्म 'खट्टा मीठा' (1977) और 'प्रेम विवाह' (1979) में अपनी अदाकारी से सबका ध्यान आकर्षित किया। उनकी सबसे बड़ी हिट फिल्म 'गोलमाल' (1979) थी। इस जबरदस्त कॉमेडी फिल्म में बिंदिया के अभिनय को दर्शकों ने काफी सराहा था। इसके बाद, उन्होंने 'दादा' (1979) जैसी सफल फिल्मों में भी अभिनय किया। अपने करियर में उन्होंने विनोद मेहरा के साथ कई फिल्मों में काम किया। इसके अलावा फिल्म 'शान' (1980) में शशि कपूर के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया।
ऐसी रही लव लाइफ
एक समय पर बिंदिया गोस्वामी और विनोद मेहरा का नाम बॉलीवुड में एक चर्चित जोड़ी के रूप में लिया जाता था। दोनों के बीच गहरी दोस्ती और प्यार की शुरुआत फिल्मों के सेट पर हुई थी। बिंदिया और विनोद ने शादी भी की, लेकिन यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सका और चार साल बाद दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद बिंदिया ने 1985 में फिल्म निर्देशक जेपी दत्ता से शादी की। जेपी दत्ता से शादी के बाद बिंदिया ने फिल्मों से दूरी बनाई और अपने परिवार के साथ वक्त बिताने का निर्णय लिया।
जेपी दत्ता से शादी के बाद की इंडस्ट्री में नई शुरुआत
जेपी दत्ता से शादी के बाद बिंदिया ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी सक्रियता को काफी ज्यादा सीमित कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने पति की फिल्मों में उनकी मदद करनी शुरू कर दी। वह जेपी दत्ता की फिल्मों जैसे 'बॉर्डर' (1997), 'रिफ्यूजी' (2000), 'एलओसी कारगिल' (2003) और 'उमराव जान' (2007) के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग का काम करने लगीं। इन फिल्मों में उन्होंने रानी मुखर्जी, करीना कपूर, और ऐश्वर्या राय जैसी अभिनेत्री के लिए कपड़े डिजाइन किए। इस काम से उन्हें कॉस्ट्यूम डिजाइनर के रूप में भी खास पहचान मिली।
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