भोपाल में शूट करने गए क्रू को होटल में बनाया बंधक
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13 दिन में खत्म हो गया पैसा
इस फिल्म की शूटिंग 13 दिसंबर 2025 को भोपाल में शुरू हुई थी। प्लानिंग के मुताबिक शूटिंग लगातार चलनी थी, लेकिन पैसों की कमी के चलते मेकर्स 13 दिन ही शूटिंग कर पाए। बाकी समय कभी भुगतान न होने, कभी खाने-पीने की व्यवस्था न होने और कभी कलाकारों व टेक्नीशियन को बुलाने के लिए पैसे न होने के कारण शूटिंग बार-बार रुकती रही। अब बीते 1 जनवरी से क्रू मेंबर्स लगातार प्रोड्यूसर्स से संपर्क कर रहे हैं लेकिन हर बार उन्हें यही कहा गया कि- पैसा आ रहा है, थोड़ी देर में ट्रांसफर हो जाएगा।
प्रोड्यूसर्स की आपसी डील का खामियाजा भुगत रही क्रू
क्रू मेंबर्स का आरोप है कि फिल्म से जुड़े दो प्रोड्यूसर्स के बीच पहले से एक आर्थिक समझौता हुआ था। बताया जा रहा है कि एक प्रोड्यूसर ने सवा करोड़ रुपये तक की राशि दूसरे प्रोड्यूसर को दे दी थी और बाद में वह प्रोजेक्ट से अलग हो गया। इसके बाद सारा भार दूसरे प्रोड्यूसर पर आ गया, जिनके पास न तो होटल का भुगतान करने के लिए पैसे हैं और न ही क्रू को देने के लिए। इस आपसी खींचतान का सबसे बड़ा नुकसान सेट पर काम करने वाले आम कर्मचारियों को झेलना पड़ा।
होटल का 20 लाख का बिल बकाया
जिस होटल में फिल्म के क्रू और यूनिट मेंबर्स ठहरे हुए हैं उसका करीब 15 लाख रुपये का बिल बकाया है। इसके अलावा एक अन्य होटल का भी लगभग 5 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। होटल मैनेजमेंट का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से भुगतान के लिए प्रोडक्शन हाउस को सूचित कर रहे थे। जब कोई समाधान नहीं निकला तो मजबूरी में होटल के गेट पर ताला लगाना पड़ा, ताकि बकाया वसूला जा सके।
होटल बना जेल, बाहर निकलने पर रोक
हालात इतने बिगड़ गए कि क्रू मेंबर्स अपने बैग और सामान लेकर होटल से बाहर निकलना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। होटल मैनेजमेंट का साफ कहना है कि जब तक बकाया राशि जमा नहीं होती, तब तक किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कई लोगों का कहना है कि उनके पास खुद होटल को कुछ पैसे देने तक के नहीं बचे हैं, क्योंकि उन्हें खुद महीनों से मेहनताना नहीं मिला।
क्रू मेंबर्स के जमा किए हुए बैग, गेट पर लगा ताला और बाहर निकलने का इंतजार करते क्रू सदस्य
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खाने और मेहनताना न मिलने से हालात बदतर
वहीं क्रू में शामिल डायरेक्शन टीम, कैमरा, लाइट, मेकअप, हेयर, आर्ट डिपार्टमेंट और स्पॉट बॉय का आरोप है कि उन्हें न तो समय पर खाना दिया गया और न ही तयशुदा मेहनताना दिया गया। कुछ लोगों को थोड़े पैसे देकर कर मामला शांत करने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन ज्यादातर मेंबर्स अब भी अपने पूरे भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। तस्वीर में देखा जा सकता है कि एक तरफ क्रू मेंबर्स के जमा किए हुए बैग हैं। होटल के गेट पर ताला लगा है। वहीं, क्रू के सदस्य बाहर निकलने का इंतजार करते दिख रहे हैं।
मुख्य कलाकार भोपाल से निकले
सूत्रों का कहना है कि फिल्म की मुख्य कलाकार ‘बिग बॉस 16’ और ‘खतरों के खिलाड़ी 14’ फेम निमृत कौर अहलूवालिया पहले ही भोपाल छोड़ चुकी हैं। डायरेक्टर और कुछ सीनियर मेंबर्स दूसरे होटल में ठहरे हुए थे, जहां पर इसी तरह की आर्थिक परेशानी सामने आई। होटल मैनेजमेंट ने 26 दिसंबर से ही चेकआउट की सूचना दे दी थी, लेकिन प्रोडक्शन हाउस की ओर से क्रू मेंबर्स को समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई। एक दिन अचानक सुबह फोन कर बताया गया कि तुरंत चेकआउट करना होगा, जिसके बाद क्रू मेंबर्स और डायरेक्टर को घंटों होटल की लॉबी में बैठकर हालात सामान्य होने का इंतजार करना पड़ा।
प्रोड्यूसर बोले- ऐसा पहली बार नहीं हुआ
अमर उजाला ने फिल्म के प्रोड्यूसर आलोक कुमार चौबे से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, 'यहां कोई बंधक बनाने जैसी स्थिति बिल्कुल नहीं है। शूटिंग के दौरान कुछ फाइनेंशियल इश्यू जरूर आए थे, जिसकी वजह से भुगतान में देरी हुई। ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि किसी प्रोजेक्ट में पैसों को लेकर परेशानी आई हो। फिल्ममेकिंग में यह आम बात है। किसी को नुकसान पहुंचाने या परेशान करने की हमारी कोई मंशा नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह की परिस्थितियां कभी-कभी बन जाती हैं, लेकिन हम सभी चीजें मिल-बैठकर सुलझा रहे हैं।'
प्रशासन से की मांग
क्रू मेंबर्स ने प्रशासन से मामले में दखल देने की मांग की। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ फिल्म शूटिंग या पैसे का नहीं है, बल्कि लोगों की इज्जत और सुरक्षा से जुड़ा है। फिलहाल यह पूरी घटना फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े कर रही है और साथ ही लोकल प्रशासन के लिए भी एक बड़ी परेशानी बन गई है।
रूम सर्विस और खाने की गुणवत्ता की वजह से हुआ विवाद: पुलिस
वहीं, राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित ग्यारह मील में स्थित होटल अभिनंदन पैलेसे से सामने आए मामले में पुलिस का कहना है कि पैसों के लेनदेन और रूम सर्विस के साथ खाने की गुणवत्ता को लेकर दोनों पक्षों में अनबन हुई है। इसको लेकर फिल्म यूनिट ने कम पैसे दिए। यूनिट ने जब होटल को खाली करना चाहा तो होटल प्रबंधन ने कहा कि फिल्म के प्रोड्यूसर ने कमरे बुक कराए हैं। उनसे हिसाब क्लियर करने के बाद ही आप लोग जाएंगे। हालांकि फिल्म की यूनिट, प्रोड्यूसर और होटल प्रबंधन में किसी भी पक्ष ने अभी तक पुलिस में न तो कोई शिकायत की है और न ही सहायता मांगी है।
मुंबई से चल रही बातचीत
पुलिस सूत्रों के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस दो बार होटल जा चुकी है। होटल प्रबंधन ने कोई शिकायत नहीं की। फिल्म की यूनिट ने भी कहा कि आपसी मामला है, जिसे हमारी मुंबई की टीम शार्टआउट कर रही है। हम लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं है। मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार का कहना है, 'सूचना मिली है होटल अभिनंदन पैलेस में किसी फिल्म की यूनिट ठहरी हुई है। उसका होटल वालों से पैसों के लेनदेन और सर्विस को लेकर कुछ मामला है, जिसे वह अपने स्तर पर ही हल कर रहे हैं। पुलिस में इस संबंध में किसी ने भी कोई शिकायत नहीं की है। पुलिस वहां जाकर दोनों पक्षों से बात करके आ चुकी है। बाहरी अतिथियों के हमारे क्षेत्र में होने के कारण पुलिस नजर बनाए हुए है'।