फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bibbo: जानिए कौन थीं एक्ट्रेस और सिंगर 'बिब्बो', भारतीय सिनेमा की पहली महिला संगीत निर्देशक

Sun, 25 May 2025 08:47 AM IST
अंजू बाजपेई एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ishrat Sultana Death Anniversary: बिब्बो, जिनका असली नाम इशरत सुल्ताना था, भारतीय और पाकिस्तानी सिनेमा की एक मशहूर एक्ट्रेस, सिंगर और म्यूजिक कंपोजर थीं। आज उनकी पुण्यतिथि पर जानिए उनसे जुड़े किस्से...
विज्ञापन
बिब्बो - फोटो : X, FB
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिब्बो का जन्म 1906 में हुआ था। बिब्बो 1930 और 1940 के दशक की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में से एक थीं, जिन्होंने अपनी अदाकारी और गायकी से दर्शकों का दिल जीता। आइए, उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर एक नजर डालते हैं।
विज्ञापन

 

सिनेमा में शानदार सफर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिब्बो ने अपने करियर की शुरुआत 1933 में अजंता सिनेटोन लिमिटेड के साथ की। उन्होंने एम.डी. भवानी और ए.पी. कपूर जैसे निर्देशकों के साथ काम किया। 1930 के दशक में वह देविका रानी, दुर्गा खोटे और सुलोचना जैसी अभिनेत्रियों के साथ टॉप की लीडिंग लेडी थीं। उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि 1939 में आई फिल्म 'गरीब के लाल' के एक गाने में उनका नाम शामिल किया गया, जिसमें लिरिक्स थे- "तुझे बिब्बो कहूं के सुलोचना।" वह भारतीय सिनेमा की पहली महिला संगीत निर्देशक थीं।
 

बेहतरीन एक्ट्रेस और शानदार सिंगर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिब्बो ने 1931 से 1947 तक भारतीय सिनेमा में कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'मायामच्छिंद्र', 'वासुदेव', और 'सीता' शामिल हैं। वह न सिर्फ एक्टिंग बल्कि गायकी और म्यूजिक कंपोजिंग में भी माहिर थीं। उनकी मधुर आवाज और अभिनय ने उन्हें उस दौर की सबसे खास कलाकार बनाया। 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद बिब्बो पाकिस्तान चली गईं। वहां भी उन्होंने कुछ फिल्मों में काम किया, लेकिन उनका भारतीय सिनेमा जैसा जादू दोबारा नहीं चला। फिर भी, वह दोनों देशों के सिनेमा में अपनी छाप छोड़ गईं।

बिब्बो का योगदान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिब्बो अपनी निजी जिंदगी को सुर्खियों से दूर रखती थीं। उनकी सादगी और काम के प्रति समर्पण ने उन्हें हमेशा सम्मान दिलाया। बिब्बो उस समय की उन गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में से थीं, जिन्होंने सिनेमा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उस दौर में एक्टिंग को महिलाओं के लिए अच्छा पेशा नहीं माना जाता था, लेकिन बिब्बो ने अपने टैलेंट से इस सोच को चुनौती दी। उनकी गायकी और म्यूजिक कंपोजिंग ने भी सिनेमा को नई दिशा दी। बिब्बो आज भले ही हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी फिल्में और गाने आज भी पुराने सिनेमा के चाहने वालों के दिलों में जिंदा हैं। 
 
विज्ञापन

बिब्बो का निधन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिब्बो उर्फ इशरत सुल्ताना भारतीय सिनेमा की एक ऐसी नायिका और गायिका थीं, जिन्होंने अपने हुनर से इतिहास रचा। बिब्बो के जीवन के अंतिम दिन अकेलेपन भरे बताए जाते हैं। उनका निधन 25 मई 1972 को कराची, सिंध, पाकिस्तान में हुआ। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें