पीवीआर-आइनॉक्स को लेकर उपभोक्ता अदालत की टिप्पणी
- फोटो : अमर उजाला
बंगलूरू की उपभोक्ता अदालत ने पीवीआर और आईनॉक्स सिनेमा में फिल्म शुरू होने से पहले दिखाए जाने वाले विज्ञापनों को उपभोक्ताओं की समय की बर्बादी करार दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि फिल्म के टिकटों पर शो शुरू होने के सही समय का उल्लेख किया जाना चाहिए। कोर्ट ने अत्यधिक विज्ञापनों को व्यापार अनुचित तरीका बताया।
उपभोक्ता ने की ये शिकायत
यह मामला तब सामने आया जब अभिषेक एमआर नाम के एक उपभोक्ता ने पीवीआर, बुक माय शो और आइनॉक्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में बताया कि वे 26 दिसंबर 2023 को 'सैम बहादुर' देखने गए थे। इस फिल्म से पहले 25 मिनट तक उन्हें केवल विज्ञापन दिखाए गए थे। इस देरी के कारण उनके लिए मूवी शो के बाद काम पर जाना मुश्किल हो गया।
अदालत ने लिया ऐसा निर्णय
जिला उपभोक्ता फोरम ने पाया कि इसके लिए बुक माय शो को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि मूवी शो के समय या मूवी शो से पहले प्रसारित विज्ञापनों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है। वहीं, पीवीआर और आईनॉक्स फिल्म दिखाने के लिए तय समय में लंबे विज्ञापन दिखाने से दर्शकों का समय बर्बाद होता है।
विज्ञापन से बर्बाद होता है समय
उपभोक्ता अदालत ने कहा कि ये नया युग है। इस युग में समय को पैसे के समान ही जरूरी माना जाता है। हर किसी का समय बहुत कीमती है। किसी को भी दूसरों के समय और पैसे से लाभ उठाने का अधिकार नहीं है। थिएटर में फिल्म से पहले जो कुछ भी दिखाया जाता है, उसमें 25-30 मिनट बर्बाद होते हैं, जो कि कम नहीं है। व्यस्त लोगों के लिए अनावश्यक विज्ञापन देखना बहुत मुश्किल है। वे परिवार के साथ कुछ आराम करने के लिए अगर फिल्म देखते हैं, तो इसका मतलब ये नहीं है कि लोगों के पास करने के लिए कोई और काम नहीं है।
पीवीआर को देना होगा हर्जाना
जिला उपभोक्ता अदालत ने पीवीआर सिनेमा और आईनॉक्स को शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और असुविधा के लिए 20 हजार रुपये का और शिकायत दर्ज कराने में वहन किए गए अतिरिक्त आठ हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान देने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने मल्टीप्लेक्स चेन को एक लाख रुपये का दंडात्मक हर्जाना कोर्ट में भरने का भी आदेश दिया है।