फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या ममता बनर्जी और टाटा का मजाक उड़ाती है यह फिल्म?

Tue, 26 Feb 2013 12:03 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
सेंसर बोर्ड ने एक बंगाली फिल्म को वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह और सिंगूर भूमि पर हुए आन्दोलन की फोटो के प्रयोग पर रोक लगा दी है। सेंसर बोर्ड को लगता है कि फिल्म में मुख्यमंत्री की शपथ को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है जिससे बंगाल की आम जनता की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। परिणामस्वरूप इससे हिंसा भड़कने की आशंका है।
विज्ञापन


मालूम हो कि सुमन मुखोपाध्याय द्वारा निर्मित फिल्म 'कंगाल मलसत' प्रसिद्ध लेखिका महाश्वेता देवी के पुत्र नबरुन भट्टाचार्य द्वारा लिखी पुस्तक पर आधारित है। इस फिल्म में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कबीर सुमन लीड रोल कर रहे हैं। फिल्म के एक दृश्य में एक व्यक्ति को शपथ ग्रहण समारोह को घृणापूर्वक देखते हुए दर्शाया गया है। इसके अलावा इस फिल्म में कबीर सुमन का विवादित संवाद है जिसमे उन्होंने टाटा के वादों का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि उनके जैसी कई कमेटियां यह वादा करती हैं कि वह कोलकाता को लंदन बना देंगी।

सेंसर बोर्ड द्वारा जारी पत्र में यह कहा गया है कि फिल्म में जिस प्रकार टाटा का सिंगूर से पलायन दिखाया गया है उससे समाज में टाटा कंपनी की छवि धूमिल होती है। फिल्म के प्रचार के लिए अपमानजनक भाषा और सामाजिक आंदोलन का अनावश्यक प्रयोग है जिसके चलते समाज में कई लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। इस पत्र में यह भी दावा किया गया है कि पूर्व सोवियत संघ के शासक स्टालिन का गलत ढंग से चित्रण किया गया है जिससे सार्वजनिक स्क्रीनिंग के दौरान अशांति पैदा हो सकती है। सरकार द्वारा राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए फिल्म निर्देशक ने सेंसर बोर्ड के निर्णय को ट्रिब्यूनल कोर्ट में चुनौती दी है।
विज्ञापन


फिल्म निर्माता सुमन मुखोपाध्याय ने अपने एक बयान में कहा कि एक फिल्म निर्माता होने के नाते वह इस फिल्म को हूबहू चलाना चाहते हैं, अब अगर इसमें कोई राजनीतिक खुलासा है तो इसका मतलब यह नहीं है कि सत्ता में बैठे लोगों को फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति है। सेंसर बोर्ड द्वारा इस फिल्म पर पुनर्विचार कर रिलीज करने से मना कर दिया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें