कलाइयों से बल्ले का जादू चलाने वाले क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने पहले ही तीन टेस्ट मैचों में शतक जमा कर अनोखी उपलब्धि पाई थी। मगर मैच फिक्सिंग विवाद ने उनके टेस्ट मैचों की सेंचुरी नहीं लगने दी। उनके नाम 99 टेस्ट दर्ज हैं। आने वाली फिल्म अजहर इस क्रिकेटर की स्टाइलिश जिंदगी और मैच फिक्सिंग की फांस को दिखाने के लिए तैयार है।
बायोपिक फिल्मों में नायक/नायिका का जीवन यूं दिखाया जाता है कि दर्शक उससे सहानुभूति करें या उपलब्धियों को सराहें। मगर पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को लेकर बन रही फिल्म अजहर में ऐसा नहीं होगा। सूत्रों की मानें तो फिल्म इस क्रिकेटर के जीवन के उस पहलू पर रोशनी डालेगी जहां वह तमाम कमजोरियों से युक्त एक साधारण इंसान होगा। मैच फिक्सिंग प्रकरण में बदनाम हुए अजहर की छवि को फिल्म में चमकाने की कोशिशें नहीं हैं। सूत्र कहते हैं, ‘अजहर यहां ब्लैक एंड व्हाइट का मिक्स यानी ग्रे किरदार होगा।’
अजहरुद्दीन के साथी खिलाड़ियों से संबंध भी फिल्म में दिखाए जाएंगे
अजहर की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है। यह मई में रिलीज होगी। फिल्म में अजहर के करिअर, निजी जिंदगी और मैच फिक्सिंग से जुड़े कुछ राज पहली बार सामने आएंगे। निर्देशक टोनी डिसूजा की फिल्म में इमरान हाशमी मोहम्मद अजरूद्दीन की भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, फिल्म में अजहर तेजी से उभरते क्रिकेटर की तरह सामने आएंगे जो धन, ग्लैमर और मैच फिक्सिंग का शिकार हो जाता है। बायोपिक में क्रिकेट मैदान में अजहर की उपलब्धियां तो होंगी, साथ ही उनके वैवाहिक जीवन, दो पत्नियों और मैच फिक्सिंग पर फोकस रहेगा। फिल्म में बेहतरीन ब्रांडेड कपड़ों और महंगी घड़ियों के प्रति स्टाइलिश अजहर का प्रेम भी बखूबी निखरेगा।
टीम इंडिया में अजहरुद्दीन के साथी खिलाड़ियों से संबंध भी फिल्म में दिखाए जाएंगे। अजहर में एक अहम भूमिका होगी रवि शास्त्री की। बिग बॉस रियलिटी शो में विजेता रहे गौतम गुलाटी शास्त्री का रोल निभा रहे हैं। सचिन तेंदुलकर ने भी अजहर के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला है मगर वह यहां कैमियो रोल जैसा होगा। प्राची देसाई अजहर की पहली पत्नी नौरीन और नर्गिस फखरी दूसरी पत्नी संगीता बिजलानी की भूमिका में हैं। लारा दत्ता अजहर की वकील बनी हैं जो मैच फिक्सिंग मामले में अदालत में उनका मुकदमा लड़ती हैं। सूत्रों के अनुसार लारा नॉन-ग्लैमरस रोल के बावजूद अहम भूमिका में हैं क्योंकि वह अजहर के किरदार का बचाव करती दिखेंगी।
अजहरुद्दीन यहां हीरो की तरह नहीं दिखेंगे
सूत्रों की मानें तो अजहर कई मायनों में अन्य बायोपिक फिल्मों से अलग होगी क्योंकि अजहरुद्दीन यहां हीरो की तरह नहीं दिखेंगे। क्रिकेट जीवन की उनकी सफलताएं शुरुआती रीलों में खत्म हो जाएंगी और फिर बॉलीवुड अभिनेत्री संगीता बिजलानी से प्रेम और दूसरे विवाह समेत मीडिया की सुर्खियों पर फोकस रहेगा। इसके बाद अजहर की जिंदगी को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला मैच फिक्सिंग का अध्याय आएगा। जिससे वह परेशान और जूझते हुए दिखेंगे।
उल्लेखनीय है कि मैच फिक्सिंग की बात स्वीकार करते हुए दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर-कप्तान हैंसी क्रोनिए ने कहा था कि उन्हें अजहर ने एक सटोरिये से मिलवाया था। इसके बाद सीबीआई की रिपोर्ट आने के पश्चात बीसीसीआई और आईसीसी ने अजहर को साल 2000 में क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया था। इसके खिलाफ अजहर ने 11 साल तक लड़ाई लड़ी। तब आंध्रा हाईकोर्ट ने उन पर से यह प्रतिबंध हटाया। मोहम्मद अजहरुद्दीन के करीबी सूत्र बताते हैं कि वह मैच फिक्सिंग तथा प्रतिबंध के मामले में हमेशा इस बात से दुखी रहे हैं कि मीडिया ने इसे बहुत जोर-शोर से उछाला और मोटे-मोटे अक्षरों में छापा। मगर जब उन पर से प्रतिबंध हटा तो इस खबर को तवज्जो ही नहीं दी गई।
30 मुलाकातों के बाद अंततः अजहर ने हां कहा...
-अंतरमुखी अजहर को बायोपिक के लिए तैयार करने में निर्माता एकता कपूर को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। 30 मुलाकातों के बाद अंततः अजहर ने हां कहा।
-निर्देशक टोनी डिसूजा बरसों से अजहर के दोस्त हैं। वह मानते हैं कि अजहर सचिन तेंदुलकर से बढ़िया क्रिकेटर थे।
-अजहर की पहली पत्नी नौरीन का रोल पहले पाकिस्तानी अभिनेत्री मावरा हुसैन को ऑफर किया गया था, मगर उन्होंने बोल्ड दृश्यों की वजह से इंकार कर दिया।
-अजहर की वकील के रूप में पहले निमरत कौर को लिया गया मगर वह फिल्म से हट गईं। उन्हें स्क्रिप्ट मन मुताबिक नहीं लगी। उनकी जगह लारा दत्ता आईं।
-अजहर में बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा के साथ इस क्रिकेटर-नेता के कथित प्रेम संबंध नहीं दिखाए जाएंगे। माना जाता है कि इस संबंध की वजह से संगीता बिजलानी अजहर से अलग हुईं।
-क्रिकेट के मक्का कहलाने वाले लॉर्ड्स ने अजहर की शूटिंग के लिए अपने दरवाजे खास तौर पर खोले।
-फिल्म की शूटिंग के दौरान पूरे समय मोहम्मद अजहरुद्दीन यूनिट के साथ रहे।