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फ्लॉप फिल्मों से ज्यादा इस बात से लगता है आयुष्मान खुराना को डर, सिनेमा और करियर को लेकर साझा किया नजरिया

सार

Ayushmann Khurrana Interview: साल 2025 में आयुष्मान खुराना ने फिल्म ‘थामा’ से बड़े पर्दे पर वापसी की है। वर्ल्डवाइड 170 करोड़ रुपये कमाकर यह फिल्म साल की 10 सबसे कमाऊ फिल्मों में से एक रही। हाल ही में आयुष्मान खुराना ने अपने करियर को लेकर अमर उजाला से खास बातचीत की है।
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आयुष्मान खुराना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आयुष्मान खुराना बॉलीवुड के उन कलाकारों में शामिल हैं, जो हर तरह के किरदार में खुद को सहजता से ढाल लेते हैं। हाल ही में आयुष्मान खुराना ने अमर उजाला डिजिटल से लंबी बातचीत की। इस बातचीत में सिनेमा और अपने करियर को लेकर कई बातें साझा की हैं। पढ़िए, बातचीत के प्रमुख अंश-

आप अलग-अलग तरह की फिल्में करते हैं, आपको किस तरह का सिनेमा ज्यादा पसंद है? 

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मेरे लिए कमर्शियल और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा के बीच की रेखा कभी दीवार नहीं रही। मैं यह मानता हूं कि दोनों तरह की फिल्में साथ चल सकती हैं। बस कहानी ईमानदार होनी चाहिए और उसमें नयापन होना चाहिए। अपने करियर के इस पड़ाव पर मुझे फ्लॉप फिल्मों से ज्यादा डर सुरक्षित और उबाऊ सिनेमा से लगता है। मैंने हमेशा कोशिश की है कि हर काम में कुछ नया और लगातार एक्सपेरिमेंट करता रहूं। आगे मैं बड़े बजट की फिल्में जरूर करूंगा लेकिन मेरी मूल पहचान वही है, जिससे मैंने शुरुआत की थी। कुछ अलग, कुछ हटकर फिल्में करना ही मेरा मकसद है। मैं हमेशा अपनी ऑडियंस को चौंकाना चाहता हूं। 

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आयुष्मान खुराना - फोटो : इ्ंस्टाग्राम@ayushmannk

फिल्मों की सफलता का पैमाना आपके लिए क्या है? 
‘थामा’ की हाई ओपनिंग और ‘ड्रीम गर्ग 2’ का 100 करोड़ क्लब में शामिल होना, मैं इन दोनों बातों को सिर्फ बॉक्स ऑफिस नंबर्स की तरह नहीं देखता। कोविड के बाद थिएटर का पूरा सिस्टम बदल चुका है। ऐसे समय में इन फिल्मों का चलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। आज ऑडियंस को सबसे ज्यादा खींचने वाली चीज जिज्ञासा है। हमने यह भी देखा है कि बिना बड़े सुपरस्टार वाली फिल्में भी चली हैं। अच्छी कहानी अपने आप ही ऑडियंस खींचती है। 

आप कई फ्रैंचाइजी फिल्मों का हिस्सा रहे हैं? इन फिल्मों के चयन की वजह क्या रही है? 
मैंने कोई रणनीति बनाकर फ्रैंचाइजी फिल्मों पर काम नहीं किया। चाहे ‘बधाई हो’ हो या ‘ड्रीम गर्ल’ या फिर ‘शुभ मंगल..’, ये किसी मास्टर प्लान का हिस्सा नहीं थीं। मेरे लिए हमेशा स्क्रिप्ट ही सबसे अहम रही है। स्क्रिप्ट पसंद आने के बाद ही मैं इन फिल्मों से जुड़ा हूं।’

आयुष्मान खुराना - फोटो : इ्ंस्टाग्राम@ayushmannk

आप ऑडियंस को क्या नया दिखाना चाहते हैं? 
कोविड के बाद लगातार 100 करोड़ क्लब में पहुंचने वाली फिल्मों को मैं सिर्फ नंबर की तरह नहीं देखता। बॉक्स ऑफिस की सफलता जरूरी है, क्योंकि यह ऑडियंस के भरोसे को दिखाती है। मेरी कोशिश यही रहती है कि हर बार ऑडियंस को कुछ ऐसा दूं, जो उन्होंने पहले न देखा हो।

अपने करियर के मौजूदा दौर और आने वाले काम को लेकर क्या आप संतुष्ट हैं? 
साल 2026 में मैं कई तरह के किरदारों में नजर आऊंगा। मेरी हर फिल्म की तैयारी अलग रही है। कहीं ज्यादा शारीरिक तैयारी करनी पड़ी, तो कहीं भावनात्मक गहराई में जाना पड़ा। लेकिन अच्छी टीम के साथ काम करने से सब कुछ आसान लगा। अपनी पिछली फिल्मों की सफलता के बाद मैं इस दौर को संतोषजनक मानता हूं। 

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आयुष्मान खुराना - फोटो : इ्ंस्टाग्राम@ayushmannk

इस वक्त के भारतीय सिनेमा को लेकर आपका क्या नजरिया है? 
आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो लगता है कि हम एक बहुत दिलचस्प दौर में हैं। पिछले कुछ वर्षों में हमने कई बेहतरीन फिल्में देखी हैं। चाहे ‘लापता लेडीज’ हो, ‘होमबाउंड’ हो या दूसरी फिल्में। इन फिल्मों ने नए कलाकारों को आगे आने का मौका दिया है। आज इंडस्ट्री में कई नए चेहरे जुड़ रहे हैं। मुझे उत्सुकता है कि आने वाले समय में वे क्या-क्या काम करेंगे? यह देखकर भी अच्छा लगता है कि भारतीय सिनेमा अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहा है। हमारा कंटेंट इंटरनेशनल प्लेटफाॅर्म तक पहुंच रहा है। बड़े फिल्म फेस्टिवल्स में जगह बना रहा है। वहां उसे सराहा भी जा रहा है। यह भारतीय सिनेमा का सुनहरा दौर है।’

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