फिल्म डायरेक्टर अश्विन कुमार को आखिर न्याय मिल ही गया। उनकी फिल्म 'नो फादर्स इन कश्मीर' को आठ महीने बाद यूए सर्टिफिकेट दे दिया गया है। अश्विन को अपनी फिल्म नो फादर्स इन कश्मीर को सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया में सही न्याय पाने के लिए फिल्म सर्टिफिकेशन के मामलों में आखिरी फैसला करने वाली संस्था एफसीएटी के सामने दूसरी बार अपनी फिल्म का प्रदर्शन करना पड़ा था।
सेंसर सर्टिफिकेट पाने के लिए जुलाई 2018 में पहली बार फिल्म को फाइल किया गया था। अपनी फिल्म को इंसाफ दिलाने के लिए निर्माताओं और कलाकारों को 8 महीने, 6 स्क्रीनिंग्स और 7 सुनवाईयों तक इंतजार करना पड़ा है। इस फिल्म के साथ कुछ ऐसा हुआ है जो शायद ही कभी हुआ होगा। इस फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए देरी पर देरी होती रही और आखिरकार इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। अपनी फिल्म को लेकर अश्विन ने जब लड़ाई शुरु की तो सीबीएफसी के द्वारा फिल्म को ए सर्टिफिकेट देने पर फैसला हुआ।