फ्रांसीसी कॉमिक सीरीज से अधिक मिलती है ‘लगान’ की कहानी
हालांकि, आशुतोष गोवारिकर ने का मानना है कि ‘लगान’ नया दौर से नहीं बल्कि फ्रांसीसी कॉमिक सीरीज ‘एस्टेरिक्स’ से अधिक मिलती-जुलती है। उन्होंने कहा कि ‘लगान’ एस्टेरिक्स है। एस्टेरिक्स हमारा मुख्य आधार था।
क्योंकि हमारे पास एक छोटा सा गांव रोमन साम्राज्य से लड़ रहा है। यहां हमारे पास एक छोटा सा भारतीय गांव ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहा है। इसी वजह से फिल्म ने फ्रांस में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।
फ्रांसीसी कॉमिक सीरीज एक गॉलिश गांव के बारे में है। यह एक जादुई औषधि की बदौलत, जो ताकत बढ़ाती है, गैलिक युद्धों के बाद के समय में जूलियस सीजर की रोमन गणराज्य सेना का प्रतिरोध करता है।
ऐसी है ‘नया दौर’ की कहानी
1957 में आई बीआर चोपड़ा द्वारा निर्देशित ‘नया दौर’ शंकर (दिलीप कुमार) नामक एक उत्साही तांगेवाले के इर्द-गिर्द घूमती है। वो मोटर बसों का प्रचलन शुरू करने वाले एक निर्दयी व्यापारी (कुंदन) के खिलाफ ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका की रक्षा के लिए संघर्ष करता है। अंत में एक घोड़ागाड़ी और एक बस के बीच रोमांचक मुकाबले में परिणत होता है।