कैसा था चिंटू के साथ दादी का रिश्ता
चिंटू भोसले ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि उनका अपनी दादी आशा भोसले के साथ काफी खास और दोस्ताना रिश्ता था। चिंटू ने बताया कि उन्होंने 2002 में अपने सिर्फ पहले एल्बम के लिए अपनी दादी की मदद ली थी। इसके अलावा उन्होंने कभी भी नाम कमाने के लिए अपने सरनेम का इस्तेमाल नहीं किया। यही वजह है कि ज्यादातर लोगों को नहीं पता कि चिंटू गायिका आशा भोसले के पोते हैं।
पोते चिंटू भोसले ने अपनी दादी आशा भोसले को मिले टाइटल और सम्मान के लिए सभी का शुक्रिया अदा किया। चिंटू ने कहा कि वक्त के साथ उनमें कभी कोई भी बदलाव नहीं आया।
चिंटू भोसले ने बताया कि वह अपने काम के लिए देश-विदेशों में ट्रेवल किया करती थीं। चिंटू ने आशा भोसले को लेकर कहा, 'मैं और दादी घर पर बैठकर घंटों खाने से लेकर हर तरह की पर्सनल बाते किया करते थे।' चिंटू ने आगे कहा, 'उनकी सबसे अच्छी बात यह थी कि वह हमेशा पॉजिटिव रहती थीं।' चिंटू ने बताया कि आशा भोसले आखिर तक हर एक नई चीज को जानने के लिए सक्रिय रहीं, फिर चाहे वह AI ही क्यों न हो।
आशा भोसले के पोते चिंटू भोसले ने दिवंगत गायिका की उदारता, जीवन के प्रति उनके जुनून और खाना पकाने के प्रति उनके प्रेम के बारे में कई राज खोले। चिंटू ने कहा, 'वह हमेशा दूसरों के लिए कुछ न कुछ करती रहती थीं। उन्हें खाना बनाने का काफी शौक था।' चिंटू को अपनी दादी के हाथ की मटन बिरयानी काफी पसंद है।