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Asha Bhosle: 78 साल का सफर, 20 भाषाओं में गाए लगभग 12 हजार गाने; ग्रैमी नामंकन पाने वाली पहली भारतीय महिला

Sun, 12 Apr 2026 12:50 PM IST
Sarijuddin एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Asha Bhosle Death: भारतीय संगीत जगत पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि लीजेंड्री गायिका आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रही। जानिए कैसे हुई उनकी शुरुआत, उनका करियर, गाने और लता मंगेशकर से उनके रिश्तों के बारे में…
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आशा भोसले - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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‘अभी ना जाओ छोड़कर, ये दिल अभी भरा नहीं…’
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हर भारतीय संगीत प्रेमी आज ये ही कह रहा है, लेकिन अफसोस कि आज उसकी ये मुराद पूरी नहीं हो सकती है। क्योंकि इस गाने को अपनी आवाज से यादगार बनाने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी हैं। 92 साल की उम्र में आशा भोसले ने अंतिम सांस ली। भले ही अब आशा भोसले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने सदाबहार गीतों के जरिए आशा भोसले हमसे कभी जुदा नहीं होंगी, ये वादा रहा। डालते हैं एक नजर आशा भोसले के प्रारंभिक जीवन से लेकर उनके करियर, अवॉर्ड्स और यादगार गीतों पर।

संगीत से जुड़े परिवार में हुआ जन्म
8 सितंबर 1933 को आशा भोसले का जन्म एक संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल गायक थे। आशा भोसले स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले जब नौ साल की थीं तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी फैमिली पुणे से कोल्हापुर और बाद में मुंबई आ गई। बड़ी बहन लता मंगेशकर के पद्चिन्हों पर चलते हुए वह भी संगीत की दुनिया में आईं। दोनों बहनों ने परिवार चलाने के लिए फिल्मों में गाना शुरू किया। आशा भोसले ने पहला गीत मराठी फिल्म 'माझा बाल' (1943) में ‘चला चला नवबाला’ गाया था। जबकि बॉलीवुड में उनका पहला गाना ‘चुनरिया (1948)’ फिल्म में ‘सावन आया’ था। यहां से शुरू हुआ संगीत और गीतों का सफर पांच दशक से ज्यादा समय तक चला और आशा भोसले देखते-देखते भारतीय संगीत की दिग्गजों में शामिल हो गईं।

लीजेंड्री सिंगर्स के बीच बनाई पहचान, एक्टिंग में भी आजमाया हाथ
1940 के दशक के अंत से 1950 के दशक की शुरुआत तक गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर जैसी प्रमुख गायिकाओं के बीच आशा भोसले ने भी अपनी जगह बनानी शुरू की। 1950 के दशक में आशा भोसले ने हिंदी फिल्मों में अधिकांश प्लेबैक सिंगर्स की तुलना में अधिक गीत गाए। इनमें से अधिकतर कम बजट वाली फिल्मों में थे। उनके शुरुआती गीतों की कंपोजिशन ए. आर. कुरैशी, सज्जाद हुसैन, एस. मोहिंदर, सरदार मलिक, गुलाम मोहम्मद और कुछ अन्य संगीतकारों ने की थी। सज्जाद हुसैन के संगीत में बनी फिल्म ‘संगदिल’ (1952) के गानों को आवाज देने से आशा भोसले को पहचान मिली।  उसी साल ओपी नैयर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘छम छमा छम’ में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई और फिल्म के 11 में से 10 गाने भी गाए। इसके बाद बिमल रॉय ने उन्हें परिणीता (1953) में गाने का मौका दिया। राज कपूर ने उन्हें फिल्म बूट पॉलिश (1954) के सभी गाने गाने के लिए साइन किया, जिससे उन्हें लोकप्रियता मिली।

आशा भोसले - फोटो : इंस्टाग्राम @asha.bhosle
16 साल की उम्र में बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी से की शादी
आशा भोसले का करियर अभी ढंग से शुरू ही हुआ था कि सिर्फ 16 साल की उम्र में ही उन्होंने बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी गणपत राव भोसले से शादी कर ली। गणपत राव आशा से लगभग 20 साल बड़े थे। इस रिश्ते को लता मंगेशकर और उनके परिवार ने स्वीकार नहीं किया। इस वजह से आशा और लता मंगेशकर के रिश्ते में दूरी भी आई, जो एक लंबे वक्त तक बनी रही। लेकिन आशा भोसले ने अपनी बहन और परिवार के खिलाफ जाकर अपने प्यार को चुना। एक पुराने इंटरव्यू में आशा भोसले ने अपनी शादी के बारे में कहा था, ‘पति का परिवार रूढ़िवादी था, वह एक सिंगिंग स्टार को स्वीकार नहीं कर सका। जब मैं अपने छोटे बेटे आनंद को जन्म देने वाली थी तो परिवार ने मायके वापस लौट जाने को कहा।’ हालांकि, आशा भोसले और गणपत राव की शादी ज्यादा वक्त तक नहीं टिक सकी। 11 साल बाद दोनों अलग हो गए। गणपत राव से आशा भोसले को तीन बच्चे हुए।

छह साल छोटे आरडी बर्मन से की दूसरी शादी
गणपत राव से अलग होने और पहली शादी टूटने के बाद आशा भोसले की जिंदगी में फिर से प्यार की बहार आई। इस बार उन्हें दिग्गज संगीतकार आरडी बर्मन (पंचम दा) में अपना प्यार मिला। हालांकि, आशा की ये प्रेम कहानी भी आसान नहीं थी, क्योंकि आरडी बर्मन उनसे लगभग छह साल छोटे थे। इसीलिए जब 47 साल की आशा भोसले ने आरडी बर्मन से शादी करने की बात रखी, तो पंचम दा की मां इस बात के लिए नहीं मानीं। जब पंचम दा ने अपनी मां को आशा से शादी के बारे में बताया, तो उन्होंने साफ कह दिया कि 'यह शादी मेरी लाश पर होगी।' विरोध की वजह थी आशा भोसले आरडी बर्मन से 6 साल बड़ी थीं और तीन बच्चों की मां थीं। हालांकि, बाद में 1980 में दोनों की शादी हुई और इस जोड़ी ने संगीत की दुनिया को कई यादगार नगमे तोहफे में दिए। दोनों की शादी 1994 में आरडी बर्मन के दुनिया से अलविदा कहने तक चली।

आरडी बर्मन, आशा भोसले - फोटो : सोशल मीडिया
20 भाषाओं में गाए 12 हजार गाने, नामी संगीतकारों संग किया काम 
आशा भोसले का करियर लगभग पांच दशक लंबा रहा। इस दौरान उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक यादगार गाने दिए। सबसे खास बात कि अपने इतने लंबे करियर के दौरान आशा भोसल ने अलग-अलग दौर के कई दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया और कईयों के साथ उनकी जोड़ी काफी हिट रही। इस लिस्ट में शंकर-जयकिशन, खैय्याम, रवि, सचिन देव बर्मन, आरडी बर्मन, ओपी नैय्यर, इलैयाराजा, बप्पी लहरी और ए.आर रहमान जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं। उन्होंने फिल्मों के अलावा म्यूजिक एल्बम में और कई सिंगल सॉन्ग भी गाए।
आशा भोसले की महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने हिंदी के अलावा कुल 20 भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए थे। साल 2006 में खुद आशा भोसले ने बताया था कि उन्होंने 12 हजार गाने गाए हैं। यही नहीं आशा भोसले ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामित होने वाली पहली भारतीय गायिका भी हैं।
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