दरअसल, एनसीबी ने बीते साल 3 अक्टूबर को मुंबई में एक क्रूज जहाज पर हो रही रेव पार्टी में छापेमारी के बाद आर्यन खान समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मामले में आर्यन खान पर छापेमारी के दौरान ड्रग्स रखने, बेचने और खरीदने का आरोप लगाया था।
इसके बाद मामले में 26 दिनों तक जेल में रहने के बाद आर्यन खान को 28 अक्टूबर को मुंबई हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत देते हुए मुंबई हाई कोर्ट ने अपने जारी आदेश में कहा था कि कोर्ट को आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा के बीच संबंधित अपराध की साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि व्हाट्सएप की बातचीत से कुछ भी साबित नहीं होता है। इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया। आदेश के मुताबिक कोर्ट में ऐसा कोई भी सबूत पेश नहीं किया गया जिससे यह पता चले कि सभी आरोपी सामान्य इरादे से गैरकानूनी काम करने के लिए सहमत हुए, जिसके बाद कोर्ट ने आर्यन खान को जमानत दे दी थी।