सभी बच्चों को दिया आशीर्वाद
सुनीता ने हाल ही में परिवार के झगड़े के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने नई पीढ़ी को माफ कर दिया। उन्होंने बताया कि कृष्णा, विनय, डंपी और उनके जेठ के बेटे उनके अपने बच्चों जैसे हैं। सुनीता ने कहा, 'मैं पुरानी सारी बातें भूल गई हूं। अब मैं बस चाहती हूं कि सभी बच्चे हंसें, खेलें और खुश रहें। मैं सभी को आशीर्वाद देती हूं'।