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‘कॉमेडी एक्टर्स को मिलना चाहिए सम्मान’, अरशद वारसी बोले- मैंने कभी हार नहीं मानी; ओटीटी को लेकर कही ये बात

Wed, 29 Apr 2026 10:20 AM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Arshad Warsi: अरशद वारसी ने इंडस्ट्री में अपने 30 साल के करियर पर बात की। जानिए उन्होंने क्यों कहा कि इंडस्ट्री में उनके लिए हमेशा जगह रहेगी…
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अरशद वारसी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अरशद वारसी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में हर तरह के किरदार निभाए हैं। कॉमेडी रोल से अपनी पहचान बनाने वाले अरशद ने ग्रे शेड कैरेक्टर, सीरियस कैरेक्टर और निगेटिव रोल भी अदा किए हैं। यही कारण है कि अरशद वारसी का ऐसा मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में उनके लिए हमेशा एक जगह रहेगी। अरशद वारसी ने कॉमेडियंस या कॉमेडी करने वाले अभिनेताओं को कमतर आंके जाने पर निराशा जताते हुए ये उम्मीद जताई कि ऐसे कलाकारों को वो सम्मान मिले, जिसके वे हकदार हैं। 

इंडस्ट्री में मेरे लिए हमेशा जगह रहेगी

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टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अरशद वारसी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में 30 साल सिर्फ एक संख्या नहीं है। यह एक उपलब्धि है। यह महत्वाकांक्षा से कहीं अधिक धैर्य का प्रमाण। बेशक इंडस्ट्री आपकी परीक्षा लेगा। कड़ी मेहनत तो हर कोई करता है, लेकिन अगर आप खुद पर और अपनी क्षमता पर दृढ़ विश्वास रखते हैं और धैर्य बनाए रखते हैं, तो निश्चिंत रहें कि एक दिन दूसरे भी आप पर विश्वास करेंगे।

यही चीज मुझे आगे बढ़ाती रही। मैंने कभी हार नहीं मानी, न तब जब काम धीमा हो गया, न तब जब पहचान एक समान नहीं थी और न तब जब सिस्टम मेरे खिलाफ झुका मालूम हुआ। मुझे पूरा विश्वास है कि मैं एक अच्छा अभिनेता हूं और इस इंडस्ट्री में मेरे लिए जगह है। वास्तव में इस इंडस्ट्री में मेरे लिए हमेशा जगह रहेगी।

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अरशद वारसी - फोटो : अमर उजाला

कॉमेडी को क्यों नहीं मिलता सम्मान
अपनी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर अरशद ने इस बात पर चिंता जताई कि कॉमेडी को अक्सर मुख्य भूमिकाओं से कैसे जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर कॉमेडियन, अभिनेता या उभरते हुए कलाकार जो कॉमेडी में माहिर हैं, उनके लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम इसे कमतर आंकते हैं।

यह वाकई दुखद है। मुझे नहीं लगता कि कोई कभी किसी अभिनेता से पूछेगा कि क्या अभिनय में माहिर होना मुख्य भूमिका निभाने में बाधा बनता है। या क्या रोमांस और ड्रामा में माहिर होना एक सीमा बन जाता है। तो फिर कॉमेडी में माहिर होना मुख्य भूमिका निभाने में बाधा क्यों माना जाता है?

कॉमेडी करने वाले लोगों को अक्सर सतही, गैर-गंभीर और कम बुद्धिमान समझा जाता है। जबकि असल में मजेदार होने के लिए आपको बेहद बुद्धिमान, जानकार, तेज और गंभीर होना पड़ता है। हर कोई जानता है कि कॉमेडी एक्टिंग का सबसे कठिन रूप है। ऐसे बहुत कम अभिनेता हैं जो वास्तव में कॉमेडी कर सकते हैं। कृपया उन्हें वह सम्मान दें जिसके वे हकदार हैं।

ओटीटी को लेकर चिंतित नहीं हैं अरशद
ओटीटी के बढ़ते वर्चस्व को लेकर अरशद वारसी का कहना है कि मुझे जिस तरह की फिल्में पसंद थीं, वैसी ही फिल्में अब ओटीटी पर बन रही हैं। मैं हमेशा से ऐसा अभिनेता रहा हूं जिसे कमर्शियल फिल्में पसंद थीं, लेकिन उनमें वास्तविकता का पुट होना चाहिए। मुझे तर्कहीन कहानी कहने का तरीका पसंद नहीं था।

इसलिए मेरे लिए यह एक शानदार समय है क्योंकि जिस तरह की फिल्में मुझे पसंद थीं, वैसी ही फिल्में अब ओटीटी पर बन रही हैं। सिनेमा में आए सभी बदलावों को दिल से पसंद करता हूं। चाहे वो पहले कैसा भी रहा हो और आज जैसा भी हो। मुझे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का यह दौर अच्छा लगता है और मैं फिल्ममेकिंग के कमर्शियल और पैरलल दोनों पहलुओं की सराहना करता हूं। आखिरकार हमारी फिल्में अंतरराष्ट्रीय स्तर की दिख रही हैं। 

 

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अरशद वारसी - फोटो : इंस्टाग्राम
अरशद वारसी की पाइपलाइन में हैं कई बड़ी फिल्में
वर्कफ्रंट की बात करें तो अरशद वारसी पिछले साल ‘जॉली एलएलबी 3’ और ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में नजर आए थे। इस साल भी उनकी पाइपलाइन में कई फिल्में हैं। इनमें ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘धमाल 4’ जैसी फ्रेंचाइजी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा उनके राजकुमार हिरानी के निर्देशन में भी नजर आने की संभावना है।

वहीं अरशद तिग्मांशु धूलिया की आगामी फिल्म ‘घमासान’ में भी नजर आएंगे, इसमें वो कुख्यात डाकू ददुआ की भूमिका में दिखाई देंगे। जबकि इन दिनों अरशद ‘गोलमाल 5’ की शूटिंग में व्यस्त हैं।


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