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AR Rahman: 'सूफीवाद में विश्वास करने के बाद आसान होने लगीं जिंदगी की मुश्किलें', एआर रहमान ने किया खुलासा

Tue, 25 Jul 2023 08:48 PM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

एआर रहमान ने कहा कि जैसे ही वह सूफीवाद की ओर आकर्षित हुए उनके व्यावसायिक जीवन में चीजें सही होने लगीं। उन्हें अधिक शांति महसूस हुई।
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एआर रहमान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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विस्तार
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गायक और संगीतकार एआर रहमान 1980 के दशक में सूफीवाद की ओर आकर्षित हुए। उन्होंने स्वतंत्र संगीतकार के रूप में अपनी शुरुआत की। हाल ही में दिए साक्षात्कार में एआर रहमान ने कहा कि जैसे ही उन्होंने अपना नया विश्वास अपनाया, उनके व्यावसायिक जीवन में चीजें सही होने लगीं। उन्हें अधिक शांति महसूस हुई और ऐसा लगा कि नए धर्म को अपनाने के बाद उनके और उनके परिवार के लिए कई तरह की चीजें आसान हो गई हैं।

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सूफीवाद की ओर हुए आकर्षित
एआर रहमान ने कहा कि जब उनके पिता अपने आखिरी दिनों में संघर्ष कर रहे थे, तब उन्होंने कई धार्मिक स्थलों पर चिकित्सकों से मुलाकात की। इसी दौरान उनके परिवार की मुलाकात इस्लामिक धार्मिक स्थल पर सूफी फकीर से हुई। दरअसल, उस समय सूफी फकीर ने भविष्यवाणी की थी कि 10 साल बाद रहमान का परिवार वापस उनसे मिलने आएगा। रहमान ने याद किया कि यह लगभग 10 वर्षों बाद ही था, जब वह सिंगापुर से अपने स्टूडियो का सामान ला रहे थे। इस दौरान वह सीमा शुल्क की कार्रवाई में फंस गए, तभी फकीर के एक छात्र ने उन्हें देखा और सीमा शुल्क के कार्रवाई से निपटने में उनकी मदद की। इसके बाद छात्र ने रहमान को फकीर के बारे में बताया। उस समय वह अस्वस्थ थे। इसके बाद रहमान का परिवार सूफी फकीर से मिलने गया।

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जिंदगी में होने लगे अच्छे बदलाव
रहमान ने कहा की सूफी फकीर ने उनके स्टूडियो को आशीर्वाद दिया, जिसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि फकीर शिक्षाओं से उनके जीवन में एक खास तरह की शांति आई है। रहमान ने कहा कि हमें किसी ने नहीं बताया कि हमें इसमें विश्वास करना होगा। हमें इसमें अधिक शांति का एहसास हुआ। कुछ खास महसूस हुआ, जैसे कि कई चीजें हमारे लिए काम करने लगी थीं, जिन जिंगल्स को अस्वीकार कर दिया गया था, सूफी की प्रार्थना के बाद उन्हें स्वीकार कर लिया गया। इसी दौरान उन्होंने अपनी मां से कहा कि उन्हें नया धर्म चुनना होगा और वह भी उनके फैसले से सहमत हो गईं, जिसके बाद उन्होंने अपना धर्म बदलकर सूफी इस्लाम अपना लिया।

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धर्म के साथ-साथ बदला नाम
रहमान ने कहा कि यह तब हुआ, जब हमारे लिए चीजें आसान हो गईं। हम सूफी दरगाह पर जा रहे थे। मैं सभी किताबें खरीद रहा था और यह बहुत ही आकर्षक थीं। संगीतकार ने बताया कि धर्म में अपने विश्वास में बदलाव के कारण परिवार को कोई सामाजिक परिवर्तन का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं झेला। बता दें कि एआर रहमान का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था। उनका नाम दिलीप कुमार था। इस्लाम में विश्वास करने और धर्म बदलने के बाद उन्होंने अपना नाम दिलीप कुमार से बदलकर अल्लाह रक्खा रहमान कर लिया और आज वह एआर रहमान के नाम से मशहूर हैं।

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