रहमान ने अपने पुराने बयान में क्या कहा था?
जिस बयान को लेकर विवाद हुआ, वह स्टेटमेंट रहमान ने बीबीसी एशियन नेटवर्क के इंटरव्यू में दिया था। उन्होंने कहा था, आजकल फिल्म इंडस्ट्री में लोग रचनात्मक नहीं हैं, वो सही ढंग से फैसला नहीं ले सकते। मुझे कम काम मिलना एक सांप्रदायिक मुद्दा भी हो सकता है, लोग मेरे पीछे बातें करते हैं। मुझे कानाफूसी से पता चला कि उन्होंने आपको बुक किया था, लेकिन संगीत कंपनी ने आगे बढ़कर अपने पांच संगीतकारों को काम पर रख लिया। मैंने कहा, 'वाह, बढ़िया है, अब मुझे आराम करने का समय मिल गया है, मैं अपने परिवार के साथ सुकून से समय बिता सकता हूं।’ इसके अलावा रहमान ने ‘छावा’ को एक बांटने वाली फिल्म भी बताया था।
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विदेशी स्तर पर मिली एक और सफलता
बीते दिनों एआर रहमान को एक कामयाबी भी मिली है। उन्होंने वैंकूवर के डोम में इमर्सिव फिल्म पेश करके अपनी क्रिएटिव यात्रा में एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय कलाकार हैं। बता दें कि एआर रहमान ने अपने निर्देशन में बनी पहली फिल्म 'ले मस्क' को 'डोम फॉर्मेट' में प्रदर्शित किया है। उन्होंने इस फिल्म को डोम के 360 डिग्री व्यूइंग फॉर्मेट के लिए बनाया था।