वरुण कहते हैं, "ये प्रतिभाशाली कलाकार आम तौर पर अपने घरों की छत पर जाते हैं और रात में काम करना शुरू करते हैं। मौजी और ममता का चरित्र इस समर्पण, महत्वाकांक्षा और उद्यमी भावना से प्रेरित होता है। हमने चंदेरी की स्ट्रीट लाइट का उपयोग करते हुए सिलाई और कढ़ाई के दृश्यों को शूट किया और वे वास्तव में दिल को छूते हैं। इन दृश्यों को शूटिंग करते समय शरत काफी भावुक भी हुए।"
वरुण और अनुष्का पहली बार एक साथ आ रहे है और वे निश्चित रूप से 2018 की बहुप्रतीक्षित ऑन-स्क्रीन जोड़ी बन गए हैं। वाईआरएफ एंटरटेनर 'सुई धागा-मेड इन इंडिया' ने ब्लॉकबस्टर 'दम लगा के हइशा' के बाद एक बार फिर मनीष शर्मा और शरत कटारिया, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्माता-निर्देशक कॉम्बो को एक साथ लाया है। यह फिल्म अंतर्निहित उद्यमी भावना को सलाम है, जो हमारे स्थानीय कारीगरों व युवाओं के पास है। 'सुई धागा-मेड इन इंडिया' इस साल गांधी जयंती से ठीक पहले 28 सितंबर को रिलीज होगी।