लोगों से की ये अपील
इसके कुछ देर बाद उन्होंने एक और स्टोरी शेयर की जिसमें उन्होंने सतलुज फिल्म का प्रमोशन करते हुए लोगों से इस फिल्म को देखने की अपील की, भले ही वो पायरेटेड कॉपी से देखें। उन्होंने स्टोरी में लिखा, ‘प्लीज सब लोग देखो, पायरेट करो पर देखो।’
गुल पनाग ने भी किया फिल्म का समर्थन
एक्ट्रेस गुल पनाग ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए पंजाब के उस दौर को याद किया, जब वहां आतंकवाद और हिंसा अपने चरम पर थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने बचपन में वो सब देखा है, जिसे भुलाना आसान नहीं है।
गुल ने लिखा, 'मैं पंजाब में उस समय बड़ी हुई हूं, जब वहां आतंकवाद का बहुत बुरा दौर चल रहा था। मुझे याद है कि अखबारों में खबरें आती थीं कि बसों को रोका जाता था और मासूम लोगों को बाहर निकालकर मार दिया जाता था।'
उन्होंने आगे लिखा, 'मुझे यह भी याद है कि कई युवा लड़कों को बिना किसी गलती के उठा लिया जाता था, उन्हें हिरासत में रखा जाता था और टॉर्चर किया जाता था। मेरे अपने गांव में भी ऐसे मामले सामने आए थे।'
फिल्म पर बैन लगाना सही नहीं
गुल पनाग का मानना है कि हमें अपने इतिहास के मुश्किल हिस्सों से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने लिखा, 'शायद यही वजह है कि मैं मानती हूं कि हमें अपने इतिहास के कठिन अध्यायों से इतना असहज नहीं होना चाहिए कि हम उनके बारे में कहानियां बताना ही बंद कर दें।'
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्मों पर चर्चा और बहस होनी चाहिए, लेकिन उन्हें बैन करना सही तरीका नहीं है।
गुल ने लिखा, 'एक फिल्म इतिहास की किताब नहीं होती। वह एक नजरिए से कहानी दिखाती है। उस पर बहस कीजिए, आलोचना कीजिए, जवाब दीजिए। लेकिन बैन करना हमेशा गलत होता है।'
आखिर में उन्होंने कहा, 'यह मत समझिए कि पंजाब ने जो अलगाववाद को नकारा है, वह इतना कमजोर है कि एक फिल्म उसे बदल देगी।'
क्या है ‘सतलुज’ की कहानी?
फिल्म ‘सतलुज’ में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा का किरदार निभाया है, जो एक बैंक क्लर्क से मानवाधिकार कार्यकर्ता बने थे।
उन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर और गुप्त अंतिम संस्कारों का खुलासा किया था। साल 1995 में खालरा अचानक गायब हो गए थे। करीब 10 साल बाद पंजाब पुलिस के चार कर्मियों को उनके अपहरण, यातना और हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था। हालांकि, उनका शव आज तक नहीं मिला है।
फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ
- फोटो : इंस्टाग्राम@diljitdosanjh
फिल्म को लेकर विवाद क्यों?
इस फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ था और यह करीब 4 साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवाद में रही, क्योंकि सीबीएफसी ने इसमें 120 कट्स की मांग की थी।
3 जुलाई को यह फिल्म जी5 पर बिना किसी कट के नए नाम ‘सतलुज’ के साथ रिलीज हुई थी, लेकिन 5 जुलाई को अचानक इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। जी5 ने इसके पीछे ‘कुछ डेवलपमेंट्स’ का हवाला दिया, जबकि रिपोर्ट्स में कहा गया कि फिल्म IT नियमों के उल्लंघन के कारण हटाई गई है।
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इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यन भी नजर आए हैं।