सेंसर बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनुराग कश्यप ने कहा कि इसके लिए वह कोर्ट भी जा सकते हैं।
फिल्मकार अनुराग कश्यप का कहना है कि वह अपनी आगामी फिल्म 'अग्ली' में धूम्रपान विरोधी विज्ञापन जोड़ने से इंकार करने पर सेंसर बोर्ड द्वारा जताई गई आपत्ति के खिलाफ अंत तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सर्वोच्च न्यायालय भी जाएंगे।
कश्यप ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। वह अपनी फिल्म को इस तरह के चेतावनी विज्ञापन के साथ प्रदर्शित करने के इच्छुक नहीं हैं।
यहां एक साक्षात्कार में कश्यप ने कहा, "मुझे यह बहुत गलत लगता है। यह बिल्कुल गैरजरूरी और व्यर्थ है। अगर बंबई उच्च न्यायालय इससे सहमत नहीं होता तो मैं सर्वोच्च न्यायालय जाऊंगा।"
डीएआर मोशन पिक्चर्स और फांटम फिल्म्स द्वारा निर्मित 'अग्ली' पहले इस साल 11 अक्टूबर में प्रदर्शित होनी थी। लेकिन चूंकि फिल्मकार फिल्म में धूम्रपान के दृश्यों में धूम्रपान विरोधी विज्ञापन दिखाने के इच्छुक नहीं थे इसलिए प्रदर्शन टाल दिया गया।
'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'देव डी', 'गुलाल' और 'नो स्मोकिंग' सरीखी फिल्मों के लिए विख्यात कश्यप ने यह भी कहा कि ऐसे चेतावनी विज्ञापन अपने काम को गंभीरता से लेने वाले शख्स का अपमान है।