अपने चेहरे के बदलाव को लेकर अनुपम की राय
अनुपम ने आगे लिखा, 'इस लंबे सफर में धीरे-धीरे कुछ बदल जाता है। सिर्फ आपकी एक्टिंग में नहीं, बल्कि आपके चेहरे पर भी। एक एक्टर का चेहरा धीरे-धीरे सिर्फ चेहरा नहीं रह जाता। वह एक खजाना बन जाता है। चेहरे की छोटी-सी हरकत भी बहुत कुछ कहने लगती है। भौंहों का हल्का सा उठना भी कोई याद लिए होता है। दो भावों के बीच का ठहराव जिंदगी भर के अनुभवों को समेटे होता है।'
'आपके चेहरे पर बस जाते हैं'
अनुपम ने आगे लिखा, 'ये चीजें आप जान-बूझकर नहीं जोड़ते। ये खुद-ब-खुद, चुपके-चुपके, कई साल के साथ आ जाती हैं। इसकी वजह है वो 'जीया हुआ अनुभव'। वे किरदार जिन्हें आपने निभाया, वे लोग जिनसे आप मिले, वे भावनाएं जो आपने दूसरों से लीं और वे भावनाएं जो आपने खुद महसूस कीं- यह सभी धीरे-धीरे आपके चेहरे पर बस जाते हैं।'