सच्चाई का पक्ष
अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा था, वह पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कहा था। उनके मुताबिक, कुछ लोग सिर्फ विवाद खड़ा करने के लिए उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे ट्रोलर्स हों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स हों या राजनेता, वह किसी के दबाव में नहीं आएंगे। वह न तो पहले कभी डरे थे और न ही आगे कभी डरेंगे। अनुपम खेर ने कहा, 'सच बोलना मेरा अधिकार और कर्तव्य दोनों है। कोई सहमत हो या न हो, मैं वही कहूंगा जो मुझे सही लगता है। जय श्री राम।'
क्या था विवाद?
दरअसल, राम मंदिर में चोरी की घटना पर टिप्पणी करते हुए अनुपम खेर ने इसे एक छोटी-मोटी घटना बताया था और इसकी तुलना मुगलों के समय हुई बड़ी लूटपाट और तबाही से की थी। इसी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही थी।