अभिनेता अनुपम खेर ने 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में गोवा में अभिनेता अनुपम खेर ने अपने बचपन की कहानी साझा की है। जब उनके पिता ने उन्हें जीवन में असफलताओं का जश्न मनाने के महत्व को समझाया था। उन्होंने बताया कि उनके पिता खाने और कॉफी लेने गए थे। तब उन्हें अपने बेटे के बोर्ड परीक्षा में फेल होने की बात पता चली।
अनुपम खेर
- फोटो : इंस्टाग्राम @anupampkher
10वीं में फेल हो गए थे अनुपम खेर
अनुपम खेर ने कहा, हम अल्फा नाम के एक रेस्टोरेंट में गए थे। वो काफी काफी प्रसिद्ध था। हम एक या दो बार कुछ खास जगहों पर जाते थे। उन दिनों में 10वीं का एग्जाम दिया था। मुझे 11वीं कक्षा में पदोन्नत किया गया था क्योंकि उस समय, स्कूल परिणामों की प्रतीक्षा नहीं करता था और यदि आप बाद में उत्तीर्ण नहीं हुए, तो वे आपको वापस 10वीं कक्षा में स्थानांतरित कर देंगे। मेरे पिता एक बार स्कूल आए और मुझे आश्चर्यचकित कर दिया। वह मुझे रेस्तरां में ले गए। मैं सोच रहा था कि वह मुझे इस जगह क्यों लेकर आए।
अनुपम खेर
- फोटो : इंस्टाग्राम@anupampkher
पिता ने बनाया मजबूत इंसान
उन्होंने उस दौरान रेगुलर कॉफी और खाना हम लोगों के लिए मंगवाया। अनुपम खेर ने कहा कि उनके पिता ने उनसे विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए भी मजबूत बने रहने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, कैसे उनकी परवरिश ने उन्हें जीवन में ऐसी सभी कठिन परिस्थितियों से निपटने में मदद की।
अनुपम खेर
- फोटो : सोशल मीडिया
अनुपम खेर के दादा जी ने लिखा पत्र
अनुपम खेर ने बताया कि जब संघर्ष के दिनों में वे लगभग मुंबई छोड़कर चले गए थे। उस दौरान उनके दादा जी ने पत्र भेजा था। पत्र में लिखा, भीगा हुआ आदमी बारिश से नहीं डरता। उन्होंने मुझे जीवन में आगे बढ़ने और कभी न डरने की सलाह दी। परिवार का सहारा भी जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक होता है।