अभिनेता अनुपम खेर ने कश्मीर के बड़गाम में सेना के वायरल वीडियो पर आ रही प्रतिक्रियाओं पर दुख जताया है। उन्होंने तथाकथित बुद्धिजीवियों की इस मामले पर बरती गई चुप्पी पर भी निशाना साधा। अनुपम ने कहा कि कई बार राष्ट्रवाद दिखाना जरूरी हो जाता है।
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में अनुपम ने कहा, 'आज राष्ट्र के हित में बोलने वाले को आरएसएस या बीजेपी की तरफ झुकाव वाला बता दिया जाता है। हमें राष्ट्रवाद का दिखावा करने की जरुरत नहीं है क्योंकि ये हमारे दिलों में है। लेकिन मुझे लगता है कि कई बार इसे दिखाना जरूरी हो जाता है।'
ये भी पढ़ें- स्नैपचैट के सीईओ के कमेंट पर भड़का बॉलीवुड, ट्विटर पर जताई नाराजगी
अनुपम ने तथाकथित बुद्धिजीवियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि, 'ये दुख की बात है कि हम जवानों को केवल वर्दी में एक साधारण व्यक्ति के तौर पर देखते हैं। हम उन्हें बेटे, पतियों और पिताओं की तरह नहीं देखते। बुद्धिजीवी उस वीडियो पर चुप हैं जहां जवानों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है लेकिन उस वीडियो पर सभी मानव अधिकारों की बात करने लगे जहां एक आदमी को जीप पर बांध कर उसे ढाल बनाया गया। क्यों कोई उस वीडियो की बात नहीं कर रहा जहां सेना के जवानों ने 9 लोगों को डूबने से बचाया?'
62 वर्षीय अभिनेता ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के बयान की भी आलोचना की। दिग्विजय सिंह ने कुछ दिन पहले कहा था कि कश्मीर में आम नागरिकों को एक तरफ आतंकवादी मार रहे हैं और दूसरी तरफ सेना। अनुपम खेर ने कहा कि उनका ये बयान अवास्तविक और बेवकूफी भरा है।