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Amrish Puri: 21 साल क्लर्क की नौकरी, 50 के दशक में लव मैरिज और 40 पार में डेब्यू, कुछ ऐसी थी मोगैम्बो की लाइफ

Mon, 12 Jan 2026 07:22 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Amrish Puri Death Anniversary: अपनी दमदार आवाज, डरावने गेटअप और प्रभावशाली शख्सियत से वर्षों फिल्म प्रेमियों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले लोकप्रिय खलनायक अमरीश पुरी की आज डेथ एनिवर्सरी है। जानते हैं उनके बारे में...
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अमरीश पुरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जब कभी बात हिंदी फिल्मों में खलनायक की होती है, तो सबसे ऊपर अमरीश पुरी का नाम आता है। रौबदार शख्सियत, आंखों में गजब का तेज और दमदार आवाज..., पर्दे पर उनकी दस्तक फिल्म का रोमांच दोगुना कर देती थी। 22 जून 1932 को अमरीश पुरी का जन्म हुआ था। आए तो वे हीरो बनने का सपना लेकर थे, मगर इंडस्ट्री में विलेन बनकर छा गए। उनकी अदाकारी का जादू ऐसा था कि वे कई बार हीरो पर भारी पड़ते थे। अभिनेता अब इस दुनिया में नहीं हैं। मगर, उनका सिनेमा और किरदार आज भी दर्शकों के जेहन में रचे-बसे हैं। अभिनेता की पुण्यतिथि पर जानिए उनसे जुड़े दिलचस्प किस्से... 

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अमरीश पुरी - फोटो : सोशल मीडिया
कभी क्लर्क के रूप में करते थे नौकरी, ऐसे पूरा किया अभिनय का सपना
अमरीश पुरी के शुरुआती दिन काफी संघर्ष भरे थे। अपने एक्टिंग करियर को आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपनी जॉब छोड़नी पड़ गई थी। दिल-ओ-जान से मेहनत करने के बाद 41 की उम्र में अमरीश पुरी को सफलता और इंडस्ट्री में पहचान मिली। बता दें कि अमरीश पुरी ने 21 साल तक मुंबई में ‘कर्मचारी बीमा निगम’ में क्लर्क के रूप में काम किया था। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपने एक्टर बनने के सपने को भी जिंदा रखा था। दरअसल, नौकरी के साथ-साथ उन्होंने थिएटर भी किया। इस दौरान उन्होंने पृथ्वी थिएटर में कई नाटकों में अभिनय किया। 

40 की उम्र में किया बॉलीवुड डेब्यू
अमरीश पुरी ने अपने साल 1967 में मराठी फिल्म ‘शंततु! कोर्ट चालू आहे’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्होंने 40 की उम्र में बॉलीवुड में कदम रखा था। साल 1970 में रिलीज हुई ‘प्रेम पुजारी’ उनकी डेब्यू फिल्म थी। हालांकि, उन्हें बड़ी पहचान साल 1971 में आई 'रेशमा और शेरा' से मिली। इसके बाद 'निशांत' और 'मिस्टर इंडिया' जैसी फिल्मों ने उन्हें दर्शकों के बीच जबर्दस्त तरीके से लोकप्रिय बना दिया। 35 साल के फिल्मीं करियर में उन्होंने 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था।

अमरीश पुरी - फोटो : सोशल मीडिया
इंडस्ट्री के सबसे महंगे विलेन बने
हिंदी सिनेमा के इतिहास में मोगैंबो को उनका सबसे लोकप्रिय किरदार माना जाता है। अमरीश पुरी की हिंदी सिनेमा में मांग इतनी थी कि एक समय ऐसा आया जब वह हिंदी फिल्मों के सबसे महंगे विलेन बन गए। कहा जाता है कि एक फिल्म के लिए वह एक करोड़ रुपये तक फीस ले लेते थे। लेकिन जहां मामला जान पहचान का होता था वहां अपनी फीस कम करने में भी उन्हें कोई गुरेज नहीं था। अमरीश पुरी ने अपनी फीस को लेकर एक इंटरव्यू में कहा था- जब मैं अपने अभिनय से समझौता नहीं करता तो मुझे फीस कम क्यों लेनी चाहिए। निर्माता को अपने वितरकों से पैसा मिल रहा है, क्योंकि मैं फिल्म में हूं। लोग मुझे एक्टिंग करते हुए देखने के लिए थियेटर में आते हैं। फिर क्या मैं ज्यादा फीस का हकदार नहीं हूं?

रियल लाइफ में पर्दे की छवि के विपरीत थे अमरीश पुरी 
अमरीश पुरी असल जीवन में बहुत ही अनुशासन वाले व्यक्ति थे। उन्हें हर काम सही तरीके से करना पसंद था। चाहे फिल्में हो या निजी जीवन का कोई भी काम। क्या आप जानते हैं अपने बड़े भाई के कहने पर ही अमरीश मुंबई आए थे लेकिन पहले ऑडिशन में एक्टर को रिजेक्ट कर दिया गया। अमरीश पुरी ऐसे एक्टर में गिने जाते हैं जिनका कभी किसी भी एक्ट्रेस के साथ कोई अफेयर नहीं रहा। बीमा कंपनी में नौकरी के दौरान उनकी मुलाकात उर्मिला दिवेकर से हुई, जो बाद में जाकर उनकी पत्नी बनीं।

अमरीश पुरी और उर्मिला दिवेकर - फोटो : सोशल मीडिया
अमरीशपुरी की लव स्टोरी, विरोध झेलकर किया प्रेम विवाह
अमरीश पुरी की मुलाकात उर्मिला दिवेकर से बीमा कंपनी में नौकरी के दौरान हुई थी। सीधी-साधी और सादगी से भरी उर्मिला दिवेकर को देखते ही अमरीश अपना दिल दे बैठे थे। उर्मिला को भी अमरीश पुरी से मिलकर काफी अच्छा लगा और दोनों को ही एक-दूसरे का साथ पसंद आने लगा। उस समय लव मैरिज का चलन कम होने के कारण अमरीश और उर्मिला दोनों के ही घरवालों ने इस रिश्ते पर एतराज जताया। दरअसल, अमरीश और उर्मिला दोनों ही अलग-अलग प्रांतों के थे। अमरीश पंजाबी थे तो उर्मिला साउथ इंडियन थीं। दोनों के प्यार के आगे परिवार वालों को झुकना पड़ा और फिर 1957 में धूमधाम से दोनों की शादी हो गई। शादी के बाद भी अमरीश और उर्मिला बहुत समय तक एक साथ काम करते रहे।

शराब और जुए से रहते थे दूर
कई फिल्मों में अमरीश पुरी का किरदार इस तरह था कि उन्हें अय्याश किस्म का व्यक्ति दिखाया गया। फिल्मों में अमरीश पुरी को कई बार शराब और नशे में डूबा हुआ दिखाया गया लेकिन असल जिंदगी में वह शराब से बिल्कुल दूर रहते थे।
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अमरीश पुरी - फोटो : सोशल मीडिया
इस हॉलीवुड फिल्म के लिए मुडवा लिया था सिर
साल 1984 में रिलीज हुई एक्शन- एडवेंचर हॉलीवुड फिल्म 'इंडियाना जोन्स एंड द टेंपल ऑफ दूम' में अमरीश पुरी के किरदार को सभी ने बेहद पंसद किया था। फिल्म में उन्होंने मोला राम का किरादर निभाया था। काफी लंबे वक्त तक अमरीश को विदेश में मोला राम के ही नाम से जाना जाने लगा था। इस किरदार के लिए उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया था। बता दें कि ब्रेन हेमरेज के चलते 12 जनवरी 2005 को 72 वर्ष की आयु में अमरीश पुरी का निधन हो गया था।
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