अमिताभ बच्चन द्वारा लिखा गया वायरल हो रहा पत्र
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साल 2011 में पंजाब सरकार ने खालसा पंथ के जन्म स्थान श्री आनंदपुर साहिब में ऐतिहासिक खालसा विरासत कॉम्पलेक्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए अमिताभ बच्चन को आमंत्रण भेजा था। इसे स्वीकार करने के बाद अमिताभ बच्चन ने इसलिए इनकार कर दिया था कि वो किसी ऐतिहासिक समागम में किसी शर्मिंदगी का कारण नहीं बनना चाहते थे।
समागम खत्म होने के बाद बिग बी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया था। अमिताभ बच्चन ने भावुक होते हुए तीन पन्नों के इस पत्र में लिखा था कि नेहरू-गांधी परिवार के साथ उनके संबंध रहे हैं। हर सुख-दुख में वह एक-दूसरे के घर आते जाते थे। 1984 में सिख विरोधी दंगों की घटना देश के इतिहास में हमेशा एक धुंधला और एक काला अध्याय है।
अमिताभ बच्चन द्वारा लिखा गया वायरल हो रहा पत्र
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उन्होंने आगे लिखा था, वह सिखों की भावनाओं को कभी आहत नहीं कर सकते, क्योंकि उनका परिवार उन्हें सिखी के बारे में ही बताता रहा है। वह सिख कौम को ठेस पहुंचाने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकते। 1984 में हिंसा भड़काने संबंधी आरोप गलत हैं।
सोशल मीडिया पर ये पत्र तब वायरल हुआ जब महानायक ने दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को 12 करोड़ रुपए दान में दिए। मनजीत सिंह जीके द्वारा इस संबंधी श्री अकाल तख्त साहिब पर मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ पत्र भी दिया गया था। इसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने यह दान सिख रिवायतों के खिलाफ लिया है क्योंकि अमिताभ बच्चन सिख विरोधी हैं।