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Tinnu Anand: डिजाइनर ने जितेंद्र को दे दी थी 'शहंशाह' की ड्रेस, फिर टीनू आनंद ने ऐसे बनाई थी लोहे वाली पोशाक

Fri, 25 Aug 2023 04:30 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

टीनू ने बताया कि उनका बनाई पहली डिजाइन एक डिजाइनर ने ले थी थी और उसे जीतेंद्र को दिया था क्योंकि फिल्म बननी बंद हो गई था। लेकिन बाद में उन्हें अमिताभ के लिए नई पोशाक बनाने के लिए एक अलग डिजाइनर मिला, जो उन्हें बहुत पसंद आया।
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शहंशाह - फोटो : Social Media
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विस्तार
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1988 में रिलीज हुई और अमिताभ बच्चन अभिनीत शहंशाह के डायलॉग्स आज भी लोग खूब पसंद करते हैं। खासतौर से इस फिल्म में अमिताभ बच्चन की लोहे की ड्रेस बहुत पसंद की गई है। अब हाल ही में इस फइल्म के निर्देशक टीनू आनंद ने खुलासा किया है कि स्टील की ड्रेस मूल पसंद नहीं थी। टीनू ने बताया कि उनका बनाई पहली डिजाइन एक डिजाइनर ने ले थी थी और उसे जीतेंद्र को दिया था क्योंकि फिल्म बननी बंद हो गई था। लेकिन बाद में उन्हें अमिताभ के लिए नई पोशाक बनाने के लिए एक अलग डिजाइनर मिला, जो उन्हें बहुत पसंद आया।
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ऐसी बनाई थी ड्रेस, लेकिन मिल गया धोखा
एक इंटरव्यू के दौरान टीनू ने कहा, 'मैंने व्यक्तिगत रूप से ड्रेस डिजाइन की है। अमिताभ के डिजाइनर की मदद से हम एक काले चमड़े की पोशाक लेकर आए  काली पैंट, काली शर्ट और काले जूते। मैंने उनके कंधे पर एक रस्सी भी बांध दी, हालांकि बाद में यह विचार छोड़ दिया गया। फिर, अकबर (अमिताभ के डिजाइनर) ने क्या किया कि उसने मुझे धोखा दे दिया। उन्होंने वह कॉस्ट्यूम जीतेंद्र को दे दी। यदि आप उनकी फिल्म देखें, तो उन्होंने वही पोशाक पहनी है, बस रस्सी के साथ। मैं गुस्से में था निराश और आहत था। कहा जाता है कि जीतेंद्र ने उस पोशाक का इस्तेमाल फिल्म आग और शोला में किया था, जिसमें श्रीदेवी भी थीं।

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बाद में शहंशाह की पोशाक के लिए की इतनी मेहनत
टीनू ने कहा कि जब अमिताभ वापस आए तो उन्होंने पूछा, 'टीनू ड्रेस के बारे में क्या?' निर्देशक ने अमिताभ को समझाया कि डिजाइनर ने पोशाक जीतेंद्र को दी थी और उन्हें यह भी बताया कि वह कभी अकबर के साथ काम नहीं करेंगे। अमिताभ ने कहा, 'ठीक है, फिर कहां जाओगे?' टीनू ने कहा, 'किशोर बजाज।' उन्होंने कहा, 'हम बैठ गए, हमने सैकड़ों मैग्जीन पढ़ीं, कपड़े देखे और अंत में, हम एक फ्रांसीसी कंपनी के विज्ञापन तक पहुंचे, जिसने बाड़ लगाने के कपड़े, तलवार की बाड़ डिजाइन की थी और वह इस बांह का विज्ञापन था। कंधे से लेकर कलाई तक वह बहुत आकर्षक था। तो मैंने उनसे कहा, 'क्या आपको लगता है कि आप इसे डिजाइन कर सकते हैं?' उन्होंने कहा, 'इसमें बहुत टाइम, मेहनत और बहुत सारा पैसा लगेगा।' मैंने कहा, 'उसके बारे में चिंता मत करो। बस मुझे एक डिजाइन दीजिए।' फिर आखिरकार अमिताभ को वह ड्रेस पसंद आई और उन्होंने इसे अंतिम रूप दे दिया। 
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