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Amit Sial Exclusive: सिंगर बनना चाहते थे अमित सियाल, स्कूल बंक करने और गर्लफ्रेंड्स पर किए मजेदार खुलासे

Fri, 18 Apr 2025 09:05 PM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Amar Ujala Samwad 2025: अमर उजाला के दो दिवसीय वैचारिक संगम संवाद कार्यक्रम में अमित सियाल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपनी जवानी और स्कूल-कॉलेज  से जुड़ी दिलचस्प बातें भी साझा कीं। 
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अमित सियाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला के दो दिवसीय वैचारिक संगम संवाद कार्यक्रम में अमित सियाल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन और जवानी के कई मजेदार किस्से साझा किए। अमित सियाल कानपुर में रहे हैं, लेकिन उनका लखनऊ से भी खास ताल्लुक रहा और लखनऊ के साथ संबंध के बारे में बात करते हुए अमित ने यहां की कुछ खास यादों के बारे में पूछा गया। लखनऊ के बारे में बात करते हुए अमित सियाल ने कहा लखनऊ की इतनी ज्यादा यादें तो नहीं हैं, लेकिन आवन-जावन लगा रहता था। मेरे पिताजी का शूज के लैदर का काम था तो उसके लिए आते थे।

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गर्लफ्रेंड पर क्या बोले अमित
वहीं यादों को लेकर बात आगे बढ़ी तो उनकी गर्लफ्रेंड के बारे में चर्चा हुई। मजाकिया अंदाज में गर्लफ्रेंड के बारे में बात करते हुए अमित ने कहा कि गर्लफ्रेंड तो हर शहर में होती थीं। गर्लफ्रेंड पर कहां आ गए, बीवी से पिटवाएंगे क्या? गर्लफ्रेंड सब भूल गए, सबकी शादी हो चुकी है। सब चार पांच बच्चों की मां बनकर मोटी हो गई हैं। कोई फायदा नहीं है उनके बारे में बात करके।

अमित सियाल - फोटो : अमर उजाला
स्कूल में की गई मस्ती का खुलासा
जब उनसे कानपुर में की गई मस्ती के बारे में पूछा गया कि जिसमें उन्होंने कुछ ऐसा कारनामा किया हो या ऐसा धमाल मचाया है, जिसके कारण वह पिटते-पिटते बच गए। इस पर अमित ने जवाब दिया कि पिटते-पिटते बच गए? अरे, हम तो बस पिटे ही हैं।' अमित ने बताया कि मुझे सबसे ज्यादा मजा तो बहुत सारे बच्चों के साथ स्कूल बंक करने में आता था, उसमें अलग से ही कुछ शौर्य मिलता था कि आज स्कूल नहीं गए।
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स्कूल से भागकर कहां जाते थे अमित?
अमित सियाल ने आगे कहा, 'हम तो तब भी स्कूल बंक कर लेते थे, जब मां वहां लाइब्रेरियन थी। उन्हें कभी पता भी नहीं चलता था कि हमने स्कूल बंक किया है तो आप समझ सकते हैं कि किस तरह का नेटवर्किंग बिछा रखा था हमने।' मैं थोड़ा पॉपुलर लड़का था, डिबेट-ड्रमैटिक में रहता था तो लोग मुझे बचा लेते थे। कन्नौज के पास एक जगह है- ध्रुव का टीला, वहां मजे करने के लिए हम बहुत जाते थे। वहां भाग जाते थे और स्नान करते थे, लेकिन एक दिन जब गंदगी देखी बहते हुए तो समझ आया कि गलत जगह आ गए हैं तो बंद कर दिया जाना।
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एक्टिंग में कैसे आए अमित?
अमित ने कहा कि ऐसी ही बहुत मस्ती की हैं। मेरी मां ने ही मुझे पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए इन सब चीजों में शामिल किया था। हम दो भाई हैं और हम बिजनेस में शामिल नहीं होना चाहते थे और हमारी मां भी चाहती थीं कि हम बाहर की दुनिया देखें, कुछ अलग सीखे और करें तो मैं सिंगर बनना चाहता था, तब अशोक कुमार नाइट्स और किशोर कुमार नाइट्स होते थे। वहां गया तो जब लोगों को गाते हुए देखा तो समझ आया कि ये तो नहीं होगा, तब तक मैंने थिएटर शुरू कर दिया था तो मुझे वहां अच्छा लगा। थिएटर ने मुझे निचोड़ लिया और मैंने फिर एक्टिंग में ही रम गया।
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