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‘लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी’, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच वीर दास ने किया पोस्ट; उठाया ये सवाल

Thu, 16 Jul 2026 03:10 PM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Vir Das: एक्टर-कॉमेडियन वीर दास ने लोकतंत्र से जवाबदेही की बात कहते हुए खुद को अराजनीतिक बताने वालों पर सवाल उठाया है। जानिए वीर दास ने क्या कुछ कहा…
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वीर दास - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल को लेकर चर्चाएं जारी हैं। तमाम सेलेब्स भी उनके सपोर्ट में उतर रहे हैं। इसी बीच एक्टर-कॉमेडियन वीर दास ने अराजनीतिक होने के विचार पर सवाल उठाते हुए एक पोस्ट शेयर किया है। हालांकि, वीर दास ने सोनम वांगचुक या किसी खास मुद्दे का जिक्र नहीं किया। लेकिन उनकी बातों ने इस बड़ी बहस की ओर ध्यान खींचा है कि क्या मशहूर हस्तियों को जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखनी चाहिए?

जिन्हें वोट दिया उनके प्रति जवाबदेही जरूरी है

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इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए वीर दास ने कहा कि अराजनीतिक होने का दावा करना या यह कहना कि उनके पास आवाज उठाने का अधिकार या सुविधा नहीं है, उनके द्वारा सुनी गई सबसे अजीब दलीलों में से एक है।

उन्होंने लिखा, ‘मेरे पास आवाज उठाने का अधिकार नहीं है या मैं अराजनीतिक हूं, यह मेरे द्वारा सुनी गई सबसे अजीब दलीलों में से एक है।’ कॉमेडियन ने कहा कि जो लोग दशकों से और आज भी किसी भी मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं, जो सबसे जोरदार आवाज उठाते हैं।
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उनके पास इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद आप और मुझ जैसे लोगों की तुलना में बहुत, बहुत, बहुत कम विशेषाधिकार होते हैं और खोने के लिए कहीं ज्यादा कुछ होता है। इस बात को स्पष्ट कर लेते हैं।

लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी है, खासकर सत्ता में बैठे लोगों से। दूसरी बात, आपको राजनीतिक रूप से कठोर होना चाहिए, खासकर उनके प्रति जिन्हें आपने वोट दिया है।

असहजता से बचना कोई विचारधारा नहीं बल्कि चुनाव है
वीर दास ने आगे कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी का लगभग हर पहलू सरकारी नीतियों से तय होता है। इसलिए राजनीति से पूरी तरह दूर रहना मुश्किल है। अगर आपके परिवार में महिलाएं, बच्चे, पालतू जानवर या छात्र हैं, आपके पास कार है, आप हवा में सांस लेते हैं, सड़कों का इस्तेमाल करते हैं, पानी पीते हैं और फिर भी इन सबके सामने चुप रहते हैं, तो यह प्रिविलेज है।

असहज करने वाली बातचीत से दूर रहने को कोई विचारधारा नहीं समझना चाहिए। हो सकता है कि आप गैर-राजनीतिक न हों, बस आप आराम से रहना चाहते हों। इसमें कोई बुराई नहीं है। बस ऐसा दिखावा करना बंद करें कि असहजता से बचना कोई विचारधारा है। यह तो बस एक चुनाव है।



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अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक - फोटो : PTI
19 दिन से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
वीर दास का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है, जब सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर ऑनलाइन जोरदार चर्चा हो रही है। जब यह विरोध प्रदर्शन 19वें दिन में पहुंचा, तो कई जानी-मानी हस्तियों ने सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने का आग्रह किया।

वहीं, दूसरों ने सरकार से अपील की कि वह इस क्लाइमेट एक्टिविस्ट के साथ बातचीत शुरू करें। उनका तर्क था कि शांतिपूर्ण विरोध और लोकतांत्रिक भागीदारी साथ-साथ चलते हैं।

हालांकि, वीर दास ने सोनम वांगचुक या उनके विरोध प्रदर्शन का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी टिप्पणियों ने नागरिक भागीदारी, राजनीतिक जवाबदेही और अहम मुद्दों पर प्रभावशाली लोगों की आवाज उठाने की जिम्मेदारी से जुड़ी व्यापक चर्चा के बीच लोगों का ध्यान खींचा है।
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