सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल को लेकर चर्चाएं जारी हैं। तमाम सेलेब्स भी उनके सपोर्ट में उतर रहे हैं। इसी बीच एक्टर-कॉमेडियन वीर दास ने अराजनीतिक होने के विचार पर सवाल उठाते हुए एक पोस्ट शेयर किया है। हालांकि, वीर दास ने सोनम वांगचुक या किसी खास मुद्दे का जिक्र नहीं किया। लेकिन उनकी बातों ने इस बड़ी बहस की ओर ध्यान खींचा है कि क्या मशहूर हस्तियों को जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखनी चाहिए?
इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए वीर दास ने कहा कि अराजनीतिक होने का दावा करना या यह कहना कि उनके पास आवाज उठाने का अधिकार या सुविधा नहीं है, उनके द्वारा सुनी गई सबसे अजीब दलीलों में से एक है।
उन्होंने लिखा, ‘मेरे पास आवाज उठाने का अधिकार नहीं है या मैं अराजनीतिक हूं, यह मेरे द्वारा सुनी गई सबसे अजीब दलीलों में से एक है।’ कॉमेडियन ने कहा कि जो लोग दशकों से और आज भी किसी भी मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं, जो सबसे जोरदार आवाज उठाते हैं।
उनके पास इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद आप और मुझ जैसे लोगों की तुलना में बहुत, बहुत, बहुत कम विशेषाधिकार होते हैं और खोने के लिए कहीं ज्यादा कुछ होता है। इस बात को स्पष्ट कर लेते हैं।
लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी है, खासकर सत्ता में बैठे लोगों से। दूसरी बात, आपको राजनीतिक रूप से कठोर होना चाहिए, खासकर उनके प्रति जिन्हें आपने वोट दिया है।
असहजता से बचना कोई विचारधारा नहीं बल्कि चुनाव है
वीर दास ने आगे कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी का लगभग हर पहलू सरकारी नीतियों से तय होता है। इसलिए राजनीति से पूरी तरह दूर रहना मुश्किल है। अगर आपके परिवार में महिलाएं, बच्चे, पालतू जानवर या छात्र हैं, आपके पास कार है, आप हवा में सांस लेते हैं, सड़कों का इस्तेमाल करते हैं, पानी पीते हैं और फिर भी इन सबके सामने चुप रहते हैं, तो यह प्रिविलेज है।
असहज करने वाली बातचीत से दूर रहने को कोई विचारधारा नहीं समझना चाहिए। हो सकता है कि आप गैर-राजनीतिक न हों, बस आप आराम से रहना चाहते हों। इसमें कोई बुराई नहीं है। बस ऐसा दिखावा करना बंद करें कि असहजता से बचना कोई विचारधारा है। यह तो बस एक चुनाव है।