कश्मीर घाटी में पिछले 48 घंटे के भीतर आतंकियों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के 3 पुलिस कर्मियों सहित भाजपा के एक कार्यकर्ता को मौत के घाट उतार दिया। दरिंदगी
की मिसाल पेश करने वाली इन घटनाओं की सभी राजनेताओं ने कड़े अल्फाजों से निंदा की और कहा कि ईद के पवित्र मौके पर ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाला
मुसलमान नहीं।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह हमारे राज्य की एक त्रासदी है। उन्होंने कहा कि किसी के पास कोई
अधिकार नहीं किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता को मारने का। अगर आप भले ही उसकी विचारधारा या नीतियों से सहमत नहीं है लेकिन लोकतंत्र में उसके पास
अधिकार है अपनी बात सामने रखने का। आप भले ही उसे पसंद नहीं करेंगे लेकिन आप उसे मार नहीं सकते और जो लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं नाही देश के
और नाही लोगो के मित्र हैं, वह दुश्मन हैं। डॉ. फारूक ने कहा कि पुलिसकर्मी हमारी रक्षा के लिए हैं और आप लोग उन्ही को मार रहे हैं, कैसी बरबरियत है।
पीडीपी के प्रवक्ता रफी मीर ने कहा कि वेह लोग ईद मनाने गए थे और उनके साथ जो कुछ हुआ वो काफी गलत हुआ। उन्होंने कहा कि वेह भी हमारे ही समाज का एक
हिस्सा हैं और जो कोई भी ऐसे पावन दिवस के अवसर पर ऐसी घटना को अंजाम देता है काफी निंदनीय है। मीर ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक मतभेद है उस इस
तरह की मारधाड़ और हिंसा से नहीं सुलझाया जा सकता है। यहां और भी अहिंसात्मक तरीके हैं जिनसे मसलों को सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह गलत है
इसकी निंदा की जानी चाहिए। मीर के अनुसार इससे स्थानीय पुलिस कर्मियों के मनोबल पर भी प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि वेह भी अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए
निकले हैं...
वहीं भाजपा के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने कहा कि ईद के इस मुबारक मौके पर ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म
नहीं होता। ऐसी घटनाओं का सभी राजनीतिक दलों द्वारा खंडन किया जाना चाहिए और मुझे लगता है कि जो भी कश्मीर आधारित राजनीतिक दल है उनकी ओर से
ऐसा कोई बयान नहीं आया। उन्हें भी खंडन करना चाहिए जो स्पष्ट कर सके कि वह आतंकवादियों के साथ है या हमारे अफसरों के साथ। गुप्ता ने कहा कि सुरक्षा में कहीं
न कहीं चूक हुई है जिसकी समीक्षा करने की जरुरत है ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल शासन में हमारी भी सुरक्षा में कमी लाई गयी है
उसपे भी गौर किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इसे आतंकवादियों की हताशा बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजंसियां आतंकियों को
चुन चुकार खत्म कर रही है और इससे उनपे एक दबाव बन गया है और यह जो घटनाओं को अब वह अंजाम दे रहे हैं केवल उनकी एक हताशा का उदहारण है। अब वो
निहत्थे लोगों को मार रहे हैं। अल्ताफ ने कहा कि किस इस्लाम में लिखा है कि निहत्थे को मारा जाए और वो भी ईद के दिन जब हर धर्म के लोग एक दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं। आतंकी अब बोखलाये हुए हैं और सरकार को चाहिए इन्हें ढूंढ कर मार गिराया जाए।