इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स (आइईईई यूपीकॉन 2017) पर आयोजित अंतर्राष्टीय सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिभागियों ने अपने शोध एवं टेक्नोलॉजी के अनुभव आदान-प्रदान किये। समारोह के मुख्य अतिथि एवं दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो योगेश सिंह ने कहा कि भारत में जो छात्र इंजीनियरिंग कर रहे हैं, वह नयी प्रौद्योगिकी के साथ किसी भी तरह से जुनूनी नहीं हैं। भारत उपग्रह चैनल, मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपक्रमों का उपयोग करने के लिए अपने स्थान की जगह का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्रौद्योगिकी के विकास के लिए, कोई काम नहीं कर रहे।
इस सम्मेलन में दयालबाग शैक्शणिक संस्थान आगरा के निदेशक प्रो पी.के. कालरा ने कहा कि हम रोमांचक समय में रह रहे हैं, जिसमें विश्व पहले से कहीं अधिक जुड़ा हुआ है। उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, नैनोटेक्नोलॉजी, जैव प्रौद्योगिकी , स्मार्ट ग्रिड आदि पिछले दशक में एक शानदार गति से विकसित हुआ है। इस प्रकार हमारे सम्मेलन की संरचना विभिन्न शैक्शणिक समुदायों के लोगों के बीच बातचीत के लिए अनुमति देती है, जो समाज को समग्र विकास की ओर जाता है।
वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ मिलान, इटली के मुख्य वक्ता प्रोफेसर विन्केन्जो पाइरी ने कहा कि कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस सिस्टम इस प्रणाली की मदद से, हम बच्चों के लिए स्मार्ट घर, स्मार्ट कार, स्मार्ट सिटी, रसोईघर, और बहुत अधिक स्मार्ट गेम बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि संकुचन तंत्रिका नेटवर्क से सब सम्भव हो पाएगा।
यूनिवर्सिटी पुत्रा मलेशिया से मुख्य वक्ता प्रो. इश्कर बिन अरीस ने कहा कि उनके क्शेत्रों में इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्राइव सिस्टम, रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस शामिल हैं। अब्दुलियाज यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब से मुख्य वक्ता डॉ. बेल्केसेम ने कहा कि अगली पीढ़ी अब रोबोटों के साथ काम करेगी। डॉ. मोनोजित चैधरी ने कहा कि उनके शोध के हितों ने भाशा विज्ञान, संज्ञान और कंप्यूटिंग के क्शेत्रों में कटौती की हैं।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कुलपति प्रो डी एस चैहान, मुख्य अतिथि दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुलपति प्रो योगेश सिंह, विशिश्ट अतिथि एवं दयालबाग शैक्षिक संस्थान आगरा के निदेशक प्रो. पी.के. कालरा, प्रो. विन्सेन्जो पाइरी, प्रो. बेलकेसम कडा, प्रो. इशक बिन अरीस, माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च लैब के डॉ. मोनोजित चैधरी, आईबीएम रिसर्च लैब के डॉ समीप मेहता, आईईई यूपी विभाग के उपाध्यक्श डॉ. कुमार वैभव श्रीवास्तव, एमएनएनआईटी इलाहाबाद के डॉ. आशीश सिंह, आइआइआइटी इलाहाबाद के डॉ सतीश कुमार सिंह, एकराम खान, डॉ. बृजेश कौशिक, प्रो. सुनील खत्री, प्रो प्रभाकर तिवारी, जीएलए के प्रतिकुलपति प्रो. ए.एम अग्रवाल, निदेशक प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, प्रोफेसर अनिरुद्ध प्रधान, प्रो. जे रामकुमार आदि ने मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत गणेशीलाल अग्रवाल के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलि कर किया।