'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया है। इस पर फिल्म की डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव ने सेंसर बोर्ड पर जमकर अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा, 'सेंसर बोर्ड का ये निर्णय जनता की बुद्धिमता का अपमान है।' इसे सर्टिफिकेट ना देने का एकमात्र कारण ये बताया गया कि इसकी कहानी महिलाओं पर आधारित है जिसमें सामान्य जीवन से कहीं ज्यादा आगे की सोच दिखाई गई है। इसमें कई ऐसे सीन हैं जो विवाद खड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें गालियां, ऑडियो पॉर्नोग्रफी और सोसाइटी के कुछ ऐसे हिस्सों को छुआ गया है जो अत्यंत संवेदनशील हैं। इसलिए इसे मंजूर नहीं किया गया।
अलंकृता ने अपना गुस्सा निकालते हुए कहा कि सेंसर बोर्ड आइटम नंबर को तो बहुत जल्दी स्वीकृति दे देता है क्योंकि वह लोगों का मनोरंजन करते हैं, क्या तब उन्हें उसमें महिला नहीं दिखती। क्या इस पुरुष प्रधान समाज को महिलाओं पर आधारित फिल्म दिखा कर उनका मनोबल नहीं बढ़ाना चाहिए।